रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान लगातार मुश्किलों में घिरते चले जा रहे हैं। पहले उनकी विधायकी निरस्त हुई और फिर उनका वोट देने का अधिकार भी समाप्त कर दिया गया।
आज़म खान के बेटे अब्दुल्लाह आजम की विधायकी भी निरस्त हो चुकी है और अब उनके वोट के अधिकार को समाप्त करने को लेकर भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी को पत्र लिखा गया है।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान 45 साल की सियासत का लगभग अंत हो चुका है। कारण साफ है कि संविधान के मौलिक अधिकारों में से एक वोट देने का अधिकार तक समाप्त किया जा चुका है।
अब कुछ इसी तरह की प्रक्रिया को पूरा करने को लेकर भाजपा से शहर विधायक आकाश सक्सेना द्वारा निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी को बाकायदा पत्र लिखकर अब्दुल्लाह आजम का वोट देने का अधिकार समाप्त करने की मांग की गई है।
गौरतलब है चंद रोज पहले अब्दुल्लाह आजम को वर्ष 2008 में दर्ज हुए एक मामले को लेकर मुरादाबाद की कोर्ट में 2 साल की सजा सुनाई थी।
उनकी सजा को आधार बनाते हुए और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अंतर्गत धारा 16 के तहत वोट का अधिकार समाप्त किए जाने का मुद्दा उठाया गया।
पूर्व में आजम खान का वोट भी इसी अधिनियम की धारा 16 के तहत ही निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी द्वारा काटा जा चुका है।
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