जौहर यूनिवर्सिटी केस: रिकॉर्ड की सत्यापित प्रतियां देने के निर्देश, 38 भवनों के ध्वस्तीकरण मामले में सुनवाई

Date:

रामपुर/मुरादाबाद: सपा के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान से जुड़े मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ दाखिल अपील पर शुक्रवार को मुरादाबाद मंडलायुक्त कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दावा किया कि भवनों के नक्शे और अन्य संबंधित अभिलेख पहले ही जांच के दौरान जिलाधिकारी रामपुर को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

विश्वविद्यालय एवं ट्रस्ट की ओर से पेश अधिवक्ता मोहम्मद जुनैद एजाज ने कोर्ट को बताया कि 27 भवनों के नक्शे लेबर सेस की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग और श्रम विभाग के अधिकारियों को दिए गए थे। जांच रिपोर्ट बाद में जिलाधिकारी रामपुर को भेजी गई थी। अधिवक्ता ने कहा कि डीएम कार्यालय से नक्शों और रिकॉर्ड की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

इस पर मंडलायुक्त संगीता सिंह की अदालत ने निर्देश दिया कि यदि विश्वविद्यालय ने कोई रिकॉर्ड पूर्व में जिलाधिकारी रामपुर को उपलब्ध कराया है, तो उसकी सत्यापित प्रतियां नियमानुसार जारी की जाएं। कोर्ट ने विश्वविद्यालय को भी अपने पास उपलब्ध सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जौहर यूनिवर्सिटी को चंदा देने और निर्माण कराने वाले ठेकेदार की होगी जांच, ईडी…
जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण पर अंतरिम रोक बरकरार, मुरादाबाद मंडलायुक्त अदालत…
जौहर यूनिवर्सिटी पर ध्वस्तीकरण की रोक का स्वागत: AAP प्रतिनिधिमंडल ने मण्डलायुक्त को स्मृति-चिह्न…
जौहर यूनिवर्सिटी से भर्ती घोटाले तक: आजम ख़ान पर ED का शिकंजा कसने की…

सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तर्क दिया कि जिला पंचायत रामपुर की निर्माण-अनुमति नियमावली 7 जनवरी 2012 में लागू हुई थी, जबकि उसके अनुसार 27 भवन उससे पहले बन चुके थे। प्रबंधन ने यह भी कहा कि जिस क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थित है, वह सितंबर 2014 में रामपुर विकास प्राधिकरण के दायरे में आया था।

गौरतलब है कि 15 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी एवं रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी ने विश्वविद्यालय परिसर के 40 में से 38 भवनों को अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। इसके खिलाफ विश्वविद्यालय और ट्रस्ट ने मंडलायुक्त कोर्ट में अपील दायर की थी। 27 जुलाई को कोर्ट ने ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जो मामले की सुनवाई के दौरान प्रभावी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

शिक्षक यशपाल हत्याकांड: पुलिस का सनसनीखेज खुलासा

दोस्त रामपाल निकला साजिश का मास्टरमाइंड, दो लाख रुपये...

Dastaan-e-Khushi: Every Note of Life Holds a Reason to Smile

New Delhi (Pradeep Kumar): Life is a fascinating blend...