जौहर यूनिवर्सिटी से भर्ती घोटाले तक: आजम ख़ान पर ED का शिकंजा कसने की तैयारी, रामपुर पुलिस ने भेजीं 84 मुकदमों की फाइलें

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रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम ख़ान के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर कानूनी शिकंजा और गहराता नज़र आ रहा है। रामपुर पुलिस ने आजम ख़ान से जुड़े 84 मुकदमों की एफआईआर (FIR), चार्जशीट और उनकी वर्तमान स्थिति की सत्यापित प्रतियां प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंप दी हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुराग सिंह ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। माना जा रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी (ED) इन दस्तावेजों की समीक्षा कर आजम ख़ान की वित्तीय अनियमितताओं की जांच को और गति देने की योजना बना रही है।

2019 के केस के सिलसिले में मांगी गई जानकारी

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की यह मांग साल 2019 में आजम ख़ान के खिलाफ दर्ज किए गए प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) के तहत की गई है।

जांच एजेंसी ने रामपुर पुलिस से आजम ख़ान पर दर्ज सभी पुराने मुकदमों की केस डायरी, पुलिस चार्जशीट और कोर्ट में लंबित मामलों की ताज़ा स्थिति का पूरा विवरण मांगा था। पुलिस द्वारा भेजे गए इन दस्तावेजों के आधार पर ईडी अब आगे की कानूनी रणनीति तैयार कर रही है।

जौहर यूनिवर्सिटी और जल निगम भर्ती घोटाला

आजम ख़ान की मुश्किलें मुख्य रूप से दो बड़े मामलों से जुड़ी हुई हैं:

  • जौहर यूनिवर्सिटी की जांच: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के दौरान सरकारी जमीनों और ‘शत्रु संपत्ति’ (Enemy Property) पर कथित अवैध कब्जे के आरोप लगे थे। इसके अलावा यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगे धन और बाहरी सहयोग के नाम पर धन शोधन (Money Laundering) के आरोपों के बाद आयकर विभाग और ईडी ने कार्रवाई शुरू की थी।
  • जल निगम भर्ती मामला: आजम ख़ान के नगर विकास मंत्री और जल निगम के अध्यक्ष रहने के दौरान हुई भर्तियों में गड़बड़ी के आरोप उठे थे। इस मामले में वर्ष 2022 में लखनऊ में मामला दर्ज किया गया था।

“ईडी की मांग के अनुसार आजम ख़ान पर दर्ज 84 मुकदमों की एफआईआर, चार्जशीट और मामलों की ताज़ा स्थिति की सत्यापित प्रतियां भेज दी गई हैं।”

अनुराग सिंह, एएसपी (रामपुर)

आगे क्या हो सकता है?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद ईडी आजम ख़ान की संपत्तियों की जब्ती (Attachment) और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अन्य कड़ी कार्रवाइयां कर सकती है। सपा नेता पर कई अन्य दीवानी और आपराधिक मामले भी चल रहे हैं, जिससे उनकी मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं।

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