रामपुर: निजीकरण को लेकर बिजली विभाग का सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन

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Globaltoday.in | रईस अहमद | रामपुर

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ सोमवार को रामपुर में बिजली विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों का विरोध सड़कों पर देखने को मिला।

बिजली विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी बिजली घर पर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने निकाला मशाल जुलूस

उसके बाद उन्होंने बिजली घर से मशाल जुलूस निकाला और गांधी समाधि पर पहुंचे और वहां उन्होंने सरकार और ऊर्जा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कई ऐसे नारे लगाए जिससे बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में उर्जा उत्पन्न हो रही थी।

प्रदर्शनकारियों के नारे थे-

  • ईट से ईट बजा देंगे, तानाशाही मिटा देंगे
  • जो हिटलर की चाल चलेगा, वह हिटलर की मौत मरेगा
  • पूर्वांचल का नारा है, बिजली विभाग हमारा है
  • ऊर्जा मंत्री न्याय करो या कुर्सी छोड़ो

उपरोक्त नारे काफी दमखम के साथ बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगा रहे थे।

बिजली विभाग के इन प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगे पूरी नहीं होने पर हड़ताल पर जाने की और कार्य बहिष्कार करने की भी धमकी दी है।

इस दौरान जनपद रामपुर के सभी अधिकारी और कर्मचारी और संविदा कर्मी सभी लोग इस धरने में शामिल थे।

सोमवार के रोज़ यूपी के रामपुर में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा बिजली विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी सभी लोग नवाब गेट बिजली घर पर जमा हुए और धरने पर बैठ गए।

आपको बता दें यह धरना पूर्वांचल की बिजली विभाग के निजी करण कर तीन इकाइयों में बांटने के विरोध को लेकर था जिस पर बिजली विभाग के अधिकारियों कर्मचारी राजी नहीं थे और वह सरकार से मांग कर रहे थे कि इस तरह से उन का शोषण नहीं किया जा सकता और वह इस फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

अधीक्षण अभियंता भीष्म कुमार ने बताया,” यह जो सरकार पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को प्राइवेट कर रही है उसको तोड़कर तीन भागों में बांट दिया है। इसकी बोर्डिंग प्रक्रिया गवर्नमेंट ने शुरू कर दी है जिसको रोकने और सरकार का ध्यान आकर्षण करने के लिए हमने यह विरोध प्रदर्शन किया है। लगातार किसी न किसी स्टेप पर यह प्रदर्शन चल रहा है आज हमने मशाल जुलूस निकाला है कल के बाद में 2:00 से 5:00 तक कार्य बहिष्कार होगा और 5 अक्टूबर से पूर्ण हड़ताल होगी।

भीष्म कुमार का कहना था कि जनपद में अगर पूर्ण हड़ताल होगी तो बिजली व्यवस्था बिगड़ सकती है क्योंकि कोई भी कर्मचारी काम नहीं करेगा जब हड़ताल होगी फिर ना बिजली मेंटेन होगी ना ऑफिस खुलेंगे। अगर प्राइवेट होता है तो उसे अधिकारियों कर्मचारियों का नुकसान है ही क्योंकि उनको प्राइवेट कंपनी की शर्तों पर काम करना पड़ेगा और उनको नौकरी से भी निकाला जा सकता है।

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