रामपुर(रिज़वान ख़ान): केंद्र व प्रदेश की सरकारों की प्राथमिकता जिस तरह से विकास कार्य और शिक्षा को लेकर होती है उसी प्रकार स्वास्थ्य सेवा भी इस प्राथमिकता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन कुछ जगहों पर निचले स्तर तक स्वास्थ्य सेवा उस हिसाब से नहीं पहुंच पाती है जैसा की सरकार की मंशा होती है। कारण साफ है कुछ स्वास्थ्य कर्मी बिचौलियों के माध्यम से इस जन सेवा भाव के कार्य में भी अपना स्वार्थ तलाशते नजर आते हैं।
मामला रामपुर के जिला अस्पताल का है जहां पर सीएमएस ने पुलिस के साथ मिलकर ऐसे ही स्वास्थ्य कर्मियों और बिचौलियों की धर पकड़ को लेकर अभियान चलाया है। सीएमएस कि इस कार्यवाही के दौरान तीन व्यक्तियों को हिरासत में भी लिया गया है।
रामपुर के जिला अस्पताल में तैनात सीएमएस डॉक्टर एच.के. मित्रा सरकार और विभागीय मंशा के मुताबिक स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए काफी संजीदा नजर आते हैं।यही कारण है कि वह छोटी से छोटी शिकायत पर भी अमल करते हैं और लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध एक्शन लेने से भी नहीं चूकते हैं।
ताजा मामला सुविधा शुल्क वसूलने की चर्चाओं से जुड़ा है। दरअसल सीएमएस को सूचना मिली थी कि कुछ बाहरी व्यक्ति स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर मरीज और तीमारदारों से स्वास्थ्य सेवा के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। जिस पर उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और अस्पताल में छापेमारी शुरू कर दी।
सीएमएस की छापेमार कार्यवाही से स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया। इसी दौरान कुछ चिकित्सकों की शह पर शिकार की तलाश में जुटे 3 व्यक्तियों को उनके निर्देशन पर पुलिस द्वारा अस्पताल भवन से हिरासत में ले लिया गया।
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