समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान ने कपिल सिब्बल के शो में विपक्ष पर झूठे मामलों की राजनीति, जेल के अनुभव और रामपुर की राजनीति पर खुलासे किए। अलीगढ़ से रामपुर तक के राजनीतिक सफर की पूरी कहानी।
नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के पूर्व विधायक आज़म खान ने कपिल सिब्बल के शो ‘दिल से विद कपिल सिब्बल’ में विपक्षी नेताओं पर झूठे मामलों की राजनीति का पर्दाफाश किया है। 25 अक्टूबर 2025 को प्रसारित इस एपिसोड में आज़म खान ने संस्थाओं के दुरुपयोग, जांच एजेंसियों के गलत इस्तेमाल और विपक्ष को दबाने की साजिश पर चौंकाने वाले खुलासे किए।
लोकतंत्र पर खतरे की चर्चा
कपिल सिब्बल ने इस भावुक संवाद में भारतीय राजनीति के बदलते परिदृश्य और आज लोकतंत्र के सामने खड़ी चुनौतियों पर गहन चर्चा की। कार्यक्रम में विपक्षी नेताओं पर दबाव, संस्थाओं पर नियंत्रण और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर बात हुई। आज़म खान ने बताया कि विपक्ष को चुप कराने और उन्हें अपने काम करने से रोकने के लिए नए और अधिक कठोर तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अलीगढ़ से रामपुर तक का सफर
करीब 59 मिनट के इस साक्षात्कार में आज़म खान ने अपने राजनीतिक सफर की पूरी कहानी साझा की। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्र नेता और वकील के रूप में अपने शुरुआती दिनों से लेकर समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य बनने तक का सफर बयान किया। आज़म खान ने बताया कि उन्होंने रामपुर में बीड़ी और कपड़ा मजदूरों तथा रिक्शा चालकों के यूनियन बनाकर 1980 के दशक में रामपुर के नवाब परिवार की राजनीतिक वर्चस्व को चुनौती दी थी।
मजदूर अधिकारों और धर्मनिरपेक्षता के लिए संघर्ष
आज़म खान ने अपने राजनीतिक दर्शन, मजदूर अधिकारों के लिए लड़ाई और धर्मनिरपेक्षता पर अपने विचारों को विस्तार से साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया और रामपुर को अपनी दूरदर्शिता से बदलने का प्रयास किया। रामपुर से 10 बार विधायक और एक बार सांसद रहे आज़म खान ने 1990 के दशक की शुरुआत से इस क्षेत्र की राजनीति पर दशकों तक प्रभुत्व बनाए रखा।
जेल में बिताए 27 महीने का दर्द
आज़म खान ने जेल में बिताए अपने अनुभव और उन पर लगे मामलों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पांच साल कोठरी में तन्हाई की रातें गुजारने से उनकी याददाश्त पर काफी असर पड़ा है। सितापुर जेल में करीब 27 महीने बिताने के बाद सितंबर 2025 में रिहा हुए आज़म खान ने जेल के भीतर के अनुभवों को साझा किया।
साहस और विश्वास का संदेश
यह साक्षात्कार साहस, दृढ़ विश्वास और लोकतंत्र की भावना को दर्शाता है। आज़म खान ने बताया कि अधिकारियों से उनकी लड़ाई राजनीति का स्वाभाविक हिस्सा है क्योंकि जब भी कोई फैसला लोगों के खिलाफ होता है तो उसके विरोध में खड़ा होना जरूरी होता है। कपिल सिब्बल के इस शो में आज़म खान ने यूपी की राजनीति, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव से अपने संबंधों पर भी खुलकर बात की।
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