बदायूं(सालिम रियाज़): उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी अपने एक ताजा बयान को लेकर विवादों में घिर गई हैं। बदायूं में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल करने वाले छात्रों की तुलना हत्यारों (कत्ल करने वालों) से कर दी। उनके इस बयान के बाद छात्रों और विपक्षी दलों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
बदायूं के दातागंज रोड स्थित बीजेपी कार्यालय पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुलाब देवी ने नकल विहीन परीक्षा को लेकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि “नकल करने वाले छात्रों पर आजीवन कारावास और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाना चाहिए।” उन्होंने नकल को कत्ल के समान गंभीर अपराध बताते हुए छात्रों को इसके प्रति आगाह किया।
छात्रों में भारी विरोध और मानसिक दबाव
मंत्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और छात्र संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जानकारों का मानना है कि परीक्षा के समय इस तरह के “बेतुके” बयानों से तैयारी कर रहे छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ सकता है। छात्रों का कहना है कि सजा का प्रावधान जरूरी है, लेकिन इसकी तुलना हत्या जैसे जघन्य अपराध से करना और करोड़ों के जुर्माने की बात करना तर्कहीन है।
विपक्ष ने साधा निशाना
निवर्तमान सपा नगर अध्यक्ष फरहत अली ने इस बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा:
“शिक्षा मंत्री का यह बयान गैर-जिम्मेदाराना है। इससे छात्रों के बीच भय का माहौल पैदा हो रहा है। जो बच्चे परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वे इस समय मानसिक दबाव में हैं। सरकार को शिक्षा के स्तर को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए, न कि बच्चों को डराने पर।”
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