बिहार SIR: राहुल गांधी ने ‘मृत लोगों’ के साथ चाय पर की मुलाकात, इस अनुभव के लिए EC को धन्यवाद

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नई दिल्ली: बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर बवाल मचा हुआ है। वोटर लिस्ट में कई फर्जीवाड़े सामने आए हैं। किसी को दो-दो वोटर आईडी कार्ड हैं तो किसी का नाम ही वोटर लिस्ट में नहीं है। इसी बीच लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज दिल्ली में बिहार के कुछ ऐसे मतदाताओं से मुलाकात की, जिन्हें चुनाव आयोग ने एसआईआर (S.I.R) के बाद जारी वोटर लिस्ट में ‘मृत’ घोषित कर दिया है।

राहुल गांधी ने मुलाकात के बाद चुनाव आयोग पर तंज़ कसते हुए कहा” कि “जीवन में बहुत दिलचस्प अनुभव हुए हैं, लेकिन कभी ‘मृत लोगों’ के साथ चाय पीने का मौका नहीं मिला था। इस अनोखे अनुभव के लिए, धन्यवाद चुनाव आयोग!”

कांग्रेस ने भी मृत लोगों के साथ राहुल गांधी की मुलाकात का वीडियो जारी करते हुए कहा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बिहार के उन मतदाताओं से मुलाकात की, जिन्हें चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में ‘मृत’ घोषित कर दिया है। ये साफ तौर से चुनाव आयोग और बीजेपी की साजिश है- जिसके तहत दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों का वोट का अधिकार छीना जा रहा है।

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कांग्रेस ने एक बयान में कहा कि बिहार के सात मतदाता, जो पूरी तरह जीवित हैं, ने आज राहुल गांधी के साथ चाय पी- जबकि चुनाव आयोग की एसआईआर सूची में उन्हें “मृत” बताया गया है।रामइकबाल राय, हरेंद्र राय, लालमुनि देवी, वचिया देवी, लालवती देवी, पूनम कुमारी और मुन्ना कुमार, सभी तेजस्वी यादव के निर्वाचन क्षेत्र राघोपुर के हैं। एसआईआर के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बावजूद, उन्हें मतदाता सूची से हटा दिया गया है।

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कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग ने उन लोगों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं की है जिन्हें उसने मृत, प्रवासी आदि घोषित किया है। ज़मीनी स्तर पर हमारी टीमें इन लोगों की पहचान केवल इसलिए कर पाईं क्योंकि वे अनौपचारिक रूप से 2-3 मतदान केंद्रों में चुनाव आयोग की आंतरिक जानकारी प्राप्त करने में कामयाब रहीं। ये 7 मतदाता उस निर्वाचन क्षेत्र के 2-3 मतदान केंद्रों में अन्यायपूर्ण तरीके से हटाए गए मतदाताओं का केवल एक छोटा सा हिस्सा हैं। यह कोई लिपिकीय त्रुटि नहीं है- यह स्पष्ट रूप से राजनीतिक मताधिकार का हनन है।

कांग्रेस ने कहा कि बेंगलुरु में वोट चोरी का पर्दाफाश होने के बाद, यह स्पष्ट है कि बिहार एसआईआर प्रक्रिया में भी समझौता किया गया है। जब जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिया जाता है, तो मृत्यु प्रमाण पत्र लोकतंत्र को ही जारी कर दिया जाता है।

बता दें बिहार में एसआईआर के बाद जारी मसौदा वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। रोज नए खुलासे हो रहे हैं। बड़े पैमाने पर जिंदा लोगों को मृत बताकर वोटर लिस्ट से नाम हटाने की बात भी सामने आ रही है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में भी एसआईआर के खिलाफ सुनवाई के दौरान योगेंद्र यादव ने दो लोगों को पेश किया था जिन्हें मृत घोषित कर मतदाता सूची से उनके नाम हटा दिए हैं। मामले पर कोर्ट में आज भी सुनवाई हुई और कल फिर होगी। वहीं एसआईआर में गड़बड़ियों और वोट चोरी के खिलाफ राहुल गांधी 17 अगस्त से बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकालेंगे।

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