केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान मुनीर अहमद को एक पाकिस्तानी महिला से अपनी शादी की बात छिपाने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकृत कश्मीर में तैनात एक विशेष पुलिस बल के अधिकारी को पाकिस्तानी महिला से अपनी शादी की बात छिपाने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया। जवान मुनीर अहमद की आखिरी तैनाती देश के प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल सीआरपीएफ की 41वीं बटालियन में थी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जवान मुनीर अहमद को उन नियमों के तहत सेवा से बर्खास्त किया गया है, जिसके तहत जांच की जरूरत नहीं होती।
रिपोर्ट के अनुसार सीआरपीएफ जवान को एक दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर से भोपाल स्थानांतरित किया गया था।
दूसरी ओर, मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार जवान मुनीर अहमद की पत्नी मीनल खान को भी भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था, लेकिन फिर भारतीय अदालत ने उन्हें 10 दिन और भारत में रहने की अनुमति दे दी।

मुनीर अहमद पर क्या हैं आरोप ?
‘मुनीर अहमद को पाकिस्तानी नागरिक से अपनी शादी को छिपाने और जानबूझकर उसके वीजा की वैधता से परे उसे शरण देने की वजह से तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सीआरपीएफ के प्रवक्ता उप महानिरीक्षक (डीआईजी) एम दिनाकरन ने कहा, ‘उनके कार्यों को सेवा आचरण का उल्लंघन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक पाया गया।’
इस तरह शादी का पता लगा
दरअसल कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उठाए गए कूटनीतिक उपायों के तहत भारत की तरफ से पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहने के बाद सीआरपीएफ जवान मुनीर अहमद की मीनल खान के साथ शादी का पता चला। दोनों ने पिछले साल 24 मई को एक वीडियो कॉल के जरिए शादी की थी। सीआरपीएफ की जांच में पाया गया कि जवान ने संबंधित अधिकारियों को अपनी शादी और उसके भारत में रहने की सूचना नहीं दी थी। लेकिन मुनीर का कहना है कि उन्होंने CRPF के मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद शादी की।
फैसले को अदालत में चुनौती देंगे मुनीर
पाकिस्तानी महिला मीनल से अपनी शादी को छिपाने के आरोप में सेवा से बर्खास्त किए जाने के कुछ घंटों बाद ही सीआरपीएफ जवान मुनीर अहमद ने कहा कि पिछले साल CRPF के मुख्यालय से अनुमति मिलने के करीब एक महीने बाद उन्होंने अपनी शादी की। जम्मू के घरोटा इलाके के निवासी मुनीर अहमद, जो अप्रैल 2017 में सीआरपीएफ में शामिल हुए थे, ने कहा कि वह अपनी बर्खास्तगी को कानून की अदालत में चुनौती देंगे। मुझे न्याय मिलने का पूरा भरोसा है। मुनीर अहमद ने बताया, ‘मुझे शुरू में मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से अपनी बर्खास्तगी के बारे में पता चला। मुझे कुछ ही समय बाद सीआरपीएफ से एक पत्र मिला जिसमें मुझे बर्खास्तगी के बारे में बताया गया, जो मेरे और मेरे परिवार के लिए एक झटका था क्योंकि मैंने मुख्यालय से एक पाकिस्तानी महिला से शादी करने की अनुमति मांगी थी और उसे अनुमति मिल गई थी।’
- जामिया मिलिया इस्लामिया की जामा मस्जिद के इमाम कारी मोहम्मद सुलेमान कासमी का निधन

- रामपुर पहुंचीं मंडलायुक्त संगीता सिंह, अधिकारियों के साथ की विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा

- मुरादाबाद में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने मनाया पीएम मोदी का जन्मदिन, मज़ार पर चादर चढ़ाकर की लंबी उम्र की दुआ

- UCC पर गृह मंत्री के बयान से नई चिंता, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उठाए गंभीर सवाल

- Jamia Millia Islamia Signs MoUs with Top Life Sciences Firms for NEP-Aligned Research

