नई दिल्ली, 24 जनवरी 2026: ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस मशावरत ने दक्षिण एशिया में बढ़ती सांप्रदायिकता के खिलाफ अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुलाने का फैसला किया। वरिष्ठ पत्रकार शाहिद सिद्दीकी की किताब ‘आई विटनेस: इंडिया फ्रॉम नेहरू टू नरेंद्र मोदी’ पर रविवार को यहां हुई चर्चा में यह प्रस्ताव प्रमुखता से आया।
प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान प्रोफेसर अख्तरुल वासी ने किताब की तारीफ करते हुए कहा, “शाहिद सिद्दीकी ने आई विटनेस (मेरी आंखों देखी) लिखकर वह फर्ज अदा किया जो हम सब पर था। करबला से 1992 तक की चुनौतियों के बावजूद हमारी उम्मत जिंदा रहेगी।
“शाहिद सिद्दीकी ने चेतावनी दी, “दक्षिण एशिया और दुनिया भर में अल्पसंख्यक नफरत का शिकार हैं। अल्पसंख्यकों की लड़ाई राजनीतिक दल नहीं, सामाजिक संगठन लड़ते हैं। हमें बांग्लादेश-पाकिस्तान की अल्पसंख्यकों का भी साथ देना चाहिए।” उन्होंने मजलिस को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की सलाह दी।
मजलिस अध्यक्ष फिरोज अहमद एडवोकेट ने इसे अमल में लाने का भरोसा दिलाया। “सेकुलरिज्म ही भारत का भविष्य है,” उन्होंने जोर दिया। पूर्व अध्यक्ष नवीद हामिद ने किताब को “ऐतिहासिक दस्तावेज” बताया।
जमिया मिलिया के प्रोफ़ेसर डॉ. मजीबुर रहमान ने युवाओं से किताब पढ़ने को कहा। उन्होंने खुलासा किया, “बांग्लादेश निर्माण के असली सूत्रधार शशांक बनर्जी थे, जिन्हें नेहरू ने इंदिरा से पहले सौंपा।”
महासचिव अहमद जावेद ने कार्यक्रम का संचालन किया।
“हाल की आत्मकथाओं में आई विटनेस सबसे प्रभावशाली किताब बताई जा रही है। शाहिद सिद्दीकी आजादी के बाद की पीढ़ी के प्रतीक हैं,” उन्होंने कहा। उन्होंने युवाओं के जेलों में संघर्ष का जिक्र किया।
कार्यक्रम में प्रो. बसीर अहमद खान, डॉ. कासिम रसूल इलियास, डॉ. इदरीस कुरैशी और सरदार गुरबचन सिंह आदि उपस्थित रहे।
- असम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, मुख्यमंत्री राहत कोष में देगा आर्थिक सहयोग

- “अमित शाह दें इस्तीफा या पीएम मोदी बर्खास्त करें”: राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला

- पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने का आदेश, हाईकोर्ट ने नियुक्त किया परिसमापक

- ‘जेन-जी का मतलब राष्ट्र प्रथम’: विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में युवाओं ने पीएम मोदी से साझा किए अनुभव

- CJP प्रोटेस्ट के बीच RSS नेता की छात्रों को नसीहत, कहा- देशहित में समय दें, राजनीति में न उलझें

