गंगा-जमुनी तहज़ीब और भाईचारे के साथ मनाएं ईद-उल-अज़हा, सोशल मीडिया पर न डालें कुर्बानी की तस्वीरें: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच

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नई दिल्ली/मुरादाबाद: ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबंद्ध मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) के मदरसा एवं उलेमा प्रकोष्ठ ने देशवासियों से आपसी सौहार्द, शांति और स्वच्छता के साथ त्योहार मनाने की एक विशेष अपील जारी की है। मंच ने भारत की सनातन सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करने और सामाजिक संवेदनशीलता बनाए रखने पर ज़ोर दिया है।

MRM Apeal

मंच द्वारा जारी अपील में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया है:

1. भारत की ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब’ और गौमाता का सम्मान

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने कहा कि भारत की सरज़मीं हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे की मिसाल रही है। यहाँ रहने वाले करोड़ों लोगों की आस्था ‘गौमाता’ से जुड़ी है। मंच ने स्पष्ट संदेश दिया कि अपने हमवतन भाइयों की आस्था और सम्मान को ठेस न पहुँचाना हमारी इबादत और नैतिक ज़िम्मेदारी का अहम हिस्सा है।

2. सोशल मीडिया पर कुर्बानी की तस्वीरें साझा करने पर रोक

मंच ने मुस्लिम समाज से एक बेहद महत्वपूर्ण और विशेष अनुरोध किया है कि कुर्बानी की तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें। ऐसा करने से समाज के अन्य वर्गों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। त्योहार को सादगी और धार्मिक मर्यादा के भीतर ही मनाया जाना चाहिए।

3. प्रशासन का सहयोग और स्वच्छता अभियान

त्योहार के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए मंच ने समाज से अपील की है कि:

  • कुर्बानी के बाद साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • गंदगी न फैलाएं और चूने का छिड़काव सुनिश्चित करें।
  • बिजली-पानी की बचत और कानून-व्यवस्था (अमन-चैन) बनाए रखने में स्थानीय प्रशासन का पूरा सहयोग करें।

“यह सिर्फ कुर्बानी का नहीं, बल्कि मोहब्बत का पैगाम है”

मंच के पदाधिकारियों ने अपने संदेश में कहा, “ईद-अज़हा त्याग, कुर्बानी और अल्लाह की रज़ा का मुकद्दस पर्व है। आइए, इस ईद पर हम सिर्फ कुर्बानी ही नहीं, बल्कि मोहब्बत, इंसानियत और आपसी भाईचारे का पैगाम भी दें। यही हिंदुस्तान की असली खूबसूरती है।”

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (मदरसा एवं उलेमा प्रकोष्ठ) ने इस अपील के साथ ही सभी देशवासियों को ईद-उल-अज़हा की अग्रिम शुभकामनाएं और मुबारकबाद दी है।

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