Globaltoday.in | उबैद इक़बाल | नई दिल्ली
दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तरपूर्वी दिल्ली हिंसा मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार पिंजरा तोड़ कार्यकर्ता देवांगना कलिता(Devangana Kalita), नताशा नरवाल(Natasha Narwal) और जामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा(Asif Iqbal Tanha) को आज ज़मानत दे दी।
न्यूज़ पोर्टल क्विंट के मुताबिक़ फैसला सुनाते हुए जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या, UAPA की धारा 15, 17 या 18 के तहत कोई भी अपराध, तीनों के खिलाफ मौजूदा मामले में, रिकॉर्ड की गई सामग्री के आधार पर नहीं बनता है।
कोर्ट ने कई तथ्यों को ध्यान में रखते हुए माना कि सरकार का विरोध जताना कोई आतंकी गतिविधि नहीं है। हाईकोर्ट के फैसले का कई राजनीकित हस्तियों और एक्टिविस्ट ने स्वागत किया है।
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