वंदे मातरम का विरोध वोट बैंक की राजनीति, राष्ट्र सर्वोपरि: इंद्रेश कुमार

Date:

नई दिल्ली, 14 फरवरी 2026: हरियाणा भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘वंदे मातरम’ का विरोध केवल वोट बैंक की संकीर्ण राजनीति से प्रेरित है। अवसर था याजवेंद्र यादव द्वारा लिखित पुस्तक “भारतीय मुस्लिमों की गौरव गाथाएं” के विमोचन का, जहाँ देशभर से आए लगभग 150 पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

वंदे मातरम भारतीय पहचान का हिस्सा

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक वंदे मातरम गान के साथ हुई। इस मौके पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रगीत भारत की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा, “देश के करोड़ों मुसलमान गर्व के साथ वंदे मातरम गाते हैं। इसे अस्वीकार करना उस साझा विरासत का अपमान है जिसने हमें एक सूत्र में बांधा है।” उन्होंने संदेश दिया कि “नेशन फर्स्ट” (राष्ट्र प्रथम) केवल एक नारा नहीं, बल्कि हर नागरिक का संकल्प होना चाहिए।

बांग्लादेश में शांति के लिए भारत से जुड़ाव जरूरी

पड़ोसी देश बांग्लादेश की स्थिति पर चर्चा करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि वहां की सांस्कृतिक जड़ें आज भी भारतीयता से जुड़ी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भारत के साथ सकारात्मक जुड़ाव ही एकमात्र रास्ता है। वहीं, डॉ. शालिनी अली ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मानवाधिकारों के प्रति समान दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।

भारतीय मुस्लिमों के योगदान का दस्तावेज

विमोचित पुस्तक “भारतीय मुस्लिमों की गौरव गाथाएं” के बारे में वक्ताओं ने कहा कि यह कृति उन भ्रांतियों को तोड़ती है जो समाज में विभाजन पैदा करती हैं। यह पुस्तक सेना, विज्ञान, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय मुसलमानों के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करती है। डॉ. शाहिद अख्तर ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो कट्टरता को समाप्त कर सामाजिक सशक्तिकरण ला सकती है।

MRM की भविष्य की योजनाएं

पुस्तक विमोचन से पहले आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मंच ने आगामी समय में जनजागरण अभियान, सद्भाव यात्राएं और युवा संवाद जैसे कार्यक्रमों को गति देने का निर्णय लिया।

प्रमुख उपस्थिति:

समारोह में डॉ. शाहिद अख्तर, डॉ. शालिनी अली, मज़ाहिर खां रुहेला, शिक्षाविद फिरोजबख्त अहमद, मोहम्मद अफजाल, गिरीश जुयाल, अबू बकर नकवी और शाहिद सईद सहित कई गणमान्य नागरिक और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

Jamia’s RCA Shines: 38 Students Clear UPSC 2025 with 4 in Top 50

NEW DELHI: Jamia Millia Islamia’s (JMI) Residential Coaching Academy...

JIH President Condemns US-Israel Aggression on Iran, Warns Against Wider Gulf War

New Delhi: Jamaat-e-Islami Hind (JIH) President Syed Sadatullah Husaini has...