इजरायली प्रतिबंधों के कारण अल-अक्सा मस्जिद शुक्रवार को नमाजियों से खाली रही।
अल-अक्सा मस्जिद में नमाज न पढ़ने का एक कारण पिछले 21 दिनों से गाजा पट्टी पर चल रहे इजरायली हमले भी हैं। वैसे तो आमतौर पर अल-अक्सा मस्जिद में शुक्रवार की नमाज हजारों लोग अदा करते हैं, जबकि कुछ धार्मिक दिनों में यहां नमाजियों की संख्या लाखों तक पहुंच जाती है।
अल-अरबिया/अल-हदीस संवाददाता के मुताबिक़ अल-अक्सा मस्जिद में शुक्रवार को बहुत कम संख्या में बुजुर्ग नमाज़ी पहुंचे।
रिपोर्टर ने बताया, इज़राइल ने केवल 75 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ही मस्जिद में प्रवेश की इजाज़त दी। जबकि युवाओं या पचास से ऊपर के लोगों को प्रवेश की इजाजत नहीं थी।
उन्होंने बताया कि पूरे यरूशलम में फैली चौकियों के कारण नमाजियों को मस्जिद तक पहुंचने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
संवाददाता ने कहा, अल-अक्सा मस्जिद के सभी प्रवेश द्वार पुलिस बलों द्वारा बंद कर दिए गए और मस्जिद और यरूशलेम के पुराने इलाकों के आसपास बड़ी चौकियां स्थापित की गईं। उन्होंने कहा कि मस्जिद के आसपास की सड़कें लगभग खाली हैं।
जैसा कि इज़राइल ने गाजा पट्टी पर तीसरे सप्ताह भी अपना युद्ध जारी रखा है, उसने वेस्ट बैंक में भी अपने अभियान तेज कर दिए हैं, जिसके परिणामस्वरूप दर्जनों फिलिस्तीनी शहीद हुए और सैकड़ों गिरफ्तारियां हुईं।
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