दिल्ली में शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए- मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन

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ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन दिल्ली के अध्यक्ष कलीमुल हफीज ने कहा कि बीजेपी और आम आदमी पार्टी की नूराकुश्ती लोगों के लिए शर्मनाक और धोखेबाज़ी है । मजलिस दिल्ली में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध की जोरदार मांग करती है ।

नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन(AIMIM) दिल्ली के अध्यक्ष कलीमुल हफीज ने शराब पर भाजपा और आम आदमी पार्टी की नूराकुश्ती को शर्मनाक और राजनीतिक छलावा बताया है। उन्होंने कहा,”यह बड़े दुख की बात है कि आम आदमी पार्टी और बीजेपी शराब जैसे ज़हर पर राजनीति कर रहे हैं।”

कालीमुल हफ़ीज़ ने कहा कि दिल्ली के लोगों ने विकास और आम आदमी के कल्याण के लिए आम आदमी पार्टी को दिल्ली में वोट दिया था । दिल्ली सरकार उस पर काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि पाप की जननी शराब पर आम आदमी पार्टी और बीजेपी राजनीति कर रही है और एक दूसरे पर ज्यादा पैसा कमाने का आरोप लगा रही है।

गरीबों को बर्बाद करने की पालिसी

मजलिस दिल्ली में शराब जैसे जहर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग करती है और दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को चेतावनी देती है कि एक तरफ आप गरीबों के प्रति सहानुभूति रखने का दावा करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आप शराब पीने को बढ़ावा देते हैं, शराब खरीदने की उम्र कम कर देते हैं। आप शराब के ठेकों की संख्या बढ़ा देते हैं, शराब माफिया की मदद करते हैं, यानी आप गरीबों को बर्बाद करने की पालिसी बनाते हैं, आपको शर्म आनी चाहिए।

आपको शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए

कलीमुल हफीज ने कहा कि शराब से सबसे बड़ा नुकसान गरीब मजदूर आदमी को होता है। जो दिन भर अपने बच्चों के लिए मेहनत मजदूरी करके कमाई करता है और उसी आय से शराब पीकर अपने बच्चों को भूखा रखता है, अपने परिवार को नशे में प्रताड़ित करता है।
आपको होश में आना चाहिए और शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए।

कलीमुल हफीज ने कहा कि जब बिहार जैसा गरीब राज्य और गुजरात जैसा राज्य शराब पर प्रतिबंध लगा सकता है, तो दिल्ली में ऐसा क्यों नहीं हो सकता?

कलीमुल हफीज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के पाप का घड़ा भर चुका है। आप ने गरीबों के साथ जो धोखा किया है उसकी सजा मिलनी चाहिए। दिल्ली सरकार का पाप यह है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि दिल्ली सरकार शराब नहीं बेचेगी लेकिन जमीन पर शराब के ठेकों की संख्या बढ़ा दी गई है। हद तो यह है कि दिल्ली में 24 दिन ड्राई डे थे लेकिन इसे घटाकर कर 3 दिन गया। शराब खरीदने की उम्र 24 साल से घटाकर 21 साल कर दी गई।

भाजपा का चुपचाप समर्थन

शराब पीना समाज में एक बुराई माना जाता था और शराब खरीदने के लिए किसी भी सज्जन शरीफ आदमी के लिए लाइनों में खड़ा होना मुश्किल था। अरविंद केजरीवाल ने शराब पीने को फैशन बनाने का पाप किया है, अब शराब के शोरूम हैं । हकीकत ये है कि दिल्ली को शराबखाना बनाने का पाप दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी ने किया है। जबकि भाजपा ने चुपचाप इसका समर्थन किया है।

कलीमुल हफीज ने कहा कि भाजपा शराब पर पूर्ण प्रतिबंध क्यों नहीं चाहती? वास्तव में दोनों इस पाप में शामिल हैं।

कलीमुल हफीज ने कहा कि सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि नई शराब नीति भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए लाई गई है, लेकिन अब यह नीति भ्रष्टाचार घोटाले का उदाहरण बन गई है।

कलीमुल हफीज ने कहा कि दिल्ली की जनता ने भ्रष्टाचार समाप्त करने और शिक्षा के लिए आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को वोट दिया था, लेकिन अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली में बार खोलने और अन्य राजनीतिक दलों की तरह भ्रष्टाचार से पैसा कमाने का काम किया।

दूसरी ओर दिल्ली की जनता ने नगर निगम चुनाव में शहर की सफाई की जिम्मेदारी भाजपा को दी है, लेकिन भाजपा ने अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्य को कैसे निभाया, इसका अहसास दिल्ली की जनता को हाल के दिनों में हुआ है।

मुस्लिम बहुल इलाको में ईद के साफ-सफाई का इतना अभाव था कि ओखला से लेकर पुरानी दिल्ली, सलीमपुर और मुस्तफाबाद तक बदबू के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया था।

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