Opinion

बंगाल का अभद्रलोक

बंगाल का भद्रलोक अब सचमुच खतरे में है। इस खतरे की शुरुआत पिछली सदी के सातवें दशक में कम्युनिस्ट शासन से हुई थी। अपने दो दशक...

इफ़्तार की सियासत !

किसी भी धर्म के त्योहारों के आयोजन के पीछे का उद्देश्य पवित्र ही होता है, लेकिन समय के साथ उनमें पाखंड और दिखावे की...

मोदी का इंटरव्यू जो इंटरव्यू था ही नहीं!

प्रधानमंत्री को चुनावी रैली में भी एक स्टेट्समैन की तरह बोलना चाहिये न कि किसी छुटभइये नेता की तरह घंटाघर पर ललकारने वाले भाषण...

मासूम बच्ची की अनोखी भविष्यवाणी-ममता बनर्जी होंगी अगली प्रधानमंत्री

कौन बनेगा प्रधानमंत्री ! इन दिनों बहुत सुकून से हूं। बिके हुए और वाहियात न्यूज़ चैनल्स देखना कब का छोड़ दिया है। देश की राजनीति अभी...

‘पृथ्वी दिवस’ का संदेश !

हमारी यह पृथ्वी संभवतः ब्रह्मांड की सबसे सुन्दर रचना है। यहां अथाह सौन्दर्य भी है, विविधताओं से भरा जीवन भी और जीवन के पैदा...

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