पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच सीमा पर शनिवार रात को भारी गोलीबारी हुई, जब तालिबान बलों ने पाकिस्तान द्वारा काबुल में हुए हवाई हमले के जवाब में पाकिस्तानी चौकियों पर हमला किया। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में छह से अधिक स्थानों पर हिंसक झड़पें हुईं।
पृष्ठभूमि
9 अक्टूबर 2025 को पाकिस्तान ने काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका में हवाई हमले किए, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के प्रमुख नूर वली महसूद को निशाना बनाने के लिए थे। तालिबान सरकार ने इसे अफ़ग़ान संप्रभुता का उल्लंघन बताया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
झड़प के स्थान
अफ़ग़ान बलों ने खैबर पख्तूनख्वा के अंगूर अड्डा, बाजौर, कुर्रम, दीर और चित्राल तथा बलूचिस्तान के बारामचा में पाकिस्तानी चौकियों पर गोलीबारी की। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने इसे “बिना उकसावे की गोलीबारी” बताया और दावा किया कि यह टीटीपी आतंकवादियों को सीमा पार घुसपैठ में मदद करने के लिए किया गया।
पाकिस्तानी प्रतिक्रिया
पाकिस्तानी सेना ने “पूरी ताकत के साथ” जवाबी कार्रवाई की और कई अफ़ग़ान चौकियों को निशाना बनाया। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने तोपखाने, टैंक, हल्के और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया। पाकिस्तानी बलों ने तीन अफ़ग़ान ड्रोन भी मार गिराए जिन पर विस्फोटक ले जाने का संदेह था।
हताहतों की रिपोर्ट
काबुल स्थित समाचार संस्थानों के अनुसार हेलमंद प्रांत में अफ़ग़ान बलों की “जवाबी कार्रवाई” में 15 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने शुरुआत में कोई हताहत नहीं होने की बात कही। अफ़ग़ान पक्ष के हताहतों के बारे में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
तालिबान का दावा
तालिबान बलों ने दावा किया कि उन्होंने तीन पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर कब्ज़ा कर लिया है। अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायत खोवारज्मी ने कहा कि “सफल” अभियान मध्यरात्रि को समाप्त हुआ और चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान फिर से अफ़ग़ान क्षेत्र का उल्लंघन करता है, तो उनकी सेना “मज़बूती से जवाब देगी”।
पाकिस्तान की स्थिति
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तालिबान के हमलों को “बिना उकसावे” बताया और आरोप लगाया कि वे नागरिकों पर गोलीबारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “अफ़ग़ान बलों द्वारा नागरिक आबादी पर गोलीबारी अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है” और पाकिस्तानी सेना ने “तुरंत और प्रभावी प्रतिक्रिया” दी है।
तनाव का कारण
पाकिस्तान आरोप लगाता है कि तालिबान सरकार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को अपनी ज़मीन से पाकिस्तान में हमले करने की अनुमति देती है। पिछले सप्ताह खैबर पख्तूनख्वा के ओराकज़ई जिले में हुए आतंकवादी हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर सहित 11 सैन्य कर्मियों की मौत हो गई थी। तालिबान ने इस आरोप को खारिज किया है और कहा है कि वे अपनी ज़मीन को अन्य देशों के खिलाफ़ इस्तेमाल नहीं होने देते।
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