न्यूयॉर्क: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध की आहट के बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) शनिवार को एक आपातकालीन सत्र आयोजित करने जा रही है। यह बैठक अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए समन्वित हवाई हमलों के तुरंत बाद बुलाई गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।
इन देशों ने की आपातकालीन बैठक की मांग
संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी मिशन के अनुसार, इस आपातकालीन बैठक का अनुरोध रूस, चीन, फ्रांस, बहरीन और कोलंबिया ने किया है। रूसी मिशन ने एक कड़े बयान में कहा:
“वॉशिंगटन और पश्चिमी यरुशलम (इजरायल) की यह लापरवाह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन है। यह मध्य पूर्व की शांति और स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है।”
रूस ने मांग की है कि अमेरिका और इजरायल अपनी “अवैध और उत्तेजक” सैन्य गतिविधियों को तुरंत रोकें और कूटनीतिक समाधान का रास्ता अपनाएं।
क्या है पूरा मामला? (तनाव की मुख्य वजह)
शनिवार तड़के अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह ईरान की ओर से उत्पन्न खतरों को बेअसर करने के लिए आवश्यक था।
- ट्रम्प का बयान: उन्होंने संकेत दिया कि यह हमला ईरान में राजनीतिक परिवर्तन की नींव रख सकता है।
- ईरान की प्रतिक्रिया: ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और जवाबी कार्रवाई में इजरायली क्षेत्रों व अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।
वैश्विक चिंता और कूटनीतिक प्रभाव
इस संघर्ष ने तीसरे विश्व युद्ध जैसी आशंकाओं को जन्म दे दिया है। फ्रांस जैसे देश, जो परमाणु वार्ता के पक्षधर रहे हैं, अब संयम बरतने की अपील कर रहे हैं। सुरक्षा परिषद की इस बैठक में रूस और अमेरिका के बीच तीखी बहस होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं।
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