खामेनेई का निधन और मध्य-पूर्व में महायुद्ध की आहट

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तेहरान/यरुशलम/वाशिंगटन: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि के बाद मध्य-पूर्व और वैश्विक राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। शनिवार को हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद फैली इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।

घटनाक्रम का सारांश

  1. अधिकारिक पुष्टि: ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह 86 वर्षीय खामेनेई के निधन की जानकारी दी। हालांकि, अभी भी यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी मृत्यु इजरायली हवाई हमलों के दौरान हुई या किसी अन्य कारण से।
  2. इजरायल का दावा: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया कि इजरायली वायुसेना ने खामेनेई के परिसर को निशाना बनाया था, जिससे इस “आतंक के युग” का अंत हुआ।
  3. अमेरिका की स्थिति: पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरानी जनता के लिए “मुक्ति का क्षण” बताया है, जबकि वर्तमान अमेरिकी प्रशासन सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में रणनीतिक योजना बना रहा है।

वैश्विक प्रतिक्रियाओं का वर्गीकरण

श्रेणीदेशआधिकारिक रुख
खुला समर्थनअमेरिका, इजरायल, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा“ईरानी शासन के अंत और नई शुरुआत का स्वागत।”
कड़ी आलोचनारूस, चीन, ओमान“इसे संप्रभु देश पर अवैध आक्रमण और सत्ता परिवर्तन की साजिश बताया।”
मध्यस्थ/सतर्कफ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन“संयम बरतने और कूटनीतिक वार्ता (JCPOA) की बहाली पर जोर।”
क्षेत्रीय निंदासऊदी अरब, जॉर्डन, यूएई“ईरानी जवाबी कार्रवाई और क्षेत्रीय अस्थिरता की कड़ी निंदा।”

आगे क्या? मुख्य चिंताएं

शक्ति का संघर्ष: खामेनेई का कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी (Successor) नहीं होने के कारण ईरान के भीतर ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) और अन्य धड़ों के बीच सत्ता संघर्ष की प्रबल संभावना है।

  • क्षेत्रीय सुरक्षा: ईरान द्वारा इजरायल और मध्य-पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों ने एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का खतरा पैदा कर दिया है।
  • परमाणु कार्यक्रम: परमाणु हथियार उन्मूलन अभियान (ICAN) ने चेतावनी दी है कि शासन के पतन की स्थिति में परमाणु संपदा का नियंत्रण खोना विनाशकारी हो सकता है।
  • मानवीय संकट: वेस्ट बैंक और अन्य पड़ोसी क्षेत्रों में युद्ध की आशंका के कारण लोग रसद और ईंधन जमा करने में जुट गए हैं।

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