उत्तर प्रदेश/रामपुर(साजिद ख़ान): बेटियों की सुरक्षा के लिए दुनिया भर में बाप से ज्यादा कोई भी नहीं हो सकता। एक पिता अपनी बेटी की इज्जत बचाने के लिए जान तक भी दे सकता है लेकिन कलयुग के एक पिता ने दुनिया के सबसे पवित्र रिश्ते को कलंकित कर डाला।
रामपुर के थाना बिलासपुर का ग्राम भैंसिया ज्वालापुर में यह शर्मनाक घटना 18-07-2020 की है जिसमें पीड़िता बेटी द्वारा अपने बाप के खिलाफ तहरीर दी गई थी कि वह काफी समय से उसका शोषण कर रहा है।
मामला रामपुर की फ़ास्ट ट्रेक एडीजे पूनम कनवाई की अदालत में विचाराधीन था। इसमें अदालत ने आजीवन कारावास कठोरतम का दंड देने का आदेश दिया है।
अपने आदेश में अदालत ने टिप्पणी की कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो भला बेटियों को कौन बचा पाएगा, ऐसे में दोषी पर रहम नहीं कठोरतम दंड दिया जाना जरूरी है।
इस विषय पर सरकारी वकील सौरभ कुमार ने बताया,”कल माननीय न्यायालय एफटीसी 1 एडीजे पूनम कनवाई द्वारा बलात्कार के एक मामले में आजीवन कठोर कारावास हुई और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। मामला ग्राम भैंसिया ज्वालापुर थाना बिलासपुर का था घटना जो थी दिनाक़ 18-07-2020 की हैं उसमें पीड़िता, बेटी द्वारा अपने बाप के खिलाफ तहरीर दी गई थी कि वह काफी समय से उसे परेशान कर रहा है उसके साथ शोषण कर रहा है इस तहरीर पर पुलिस द्वारा कार्यवाही की गई, मुलजिम अभियुक्त बाप श्यामलाल को गिरफ्तार किया गया था। पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद उसके 164 के बयान माननीय न्यायालय में कराए गए थे। पीड़ित ने अपने 164 के बयान में बताया कि वह काफी समय से उसे परेशान कर रहा है, उसके साथ शोषण कर रहा है और उसकी मां की मृत्यु काफी समय पहले हो चुकी है, उसका जो बड़ा भाई था उसके बाप श्यामलाल ने उसे बाहर निकाल दिया था घर से, वह अपने बाप के साथ रह रही थी, बाप एक दूसरी बीवी भी कर लाया था कही से, वह दिमाग से थोड़ी कम थी तो लगातार उसके साथ शोषण कर रहा था और घटना वाले दिन उसने फिर से उसके साथ बलात्कार किया लेकिन जब उसको बर्दाश्त नहीं हुआ तो वह चिल्लाई और रात के 9 बजे घर से भागी उसका भाई जो पड़ोस में डेरी में काम करता था वह भी दौड़कर आ गया और गांव के अन्य लोग भी आ गए उन्होंने उसको बचाया और तब उसने उनको अपनी सारी बात बताई कि कैसे कैसे उसका बाप उसके साथ शोषण करता था और कई बार उसे कोन्टिसेप्टिक पिल्स भी खिलाई हैं ताकि वह गर्भ गिर सके क्योंकि गर्भ भी ठहर गया था ,इस आधार पर विवेचना हुई चार्जशीट आई और एफटीसी 1 कोर्ट में इसका ट्रायल चल रहा था। कल दिनांक 06-07-2023 को इसमें माननीय न्यायालय द्वारा सजा दी गई है और सजा के बिंदु पर जो सुनवाई हुई है ,उसमें अभियोजन द्वारा यह कहा गया था कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएगा तो बेटियां कहां सुरक्षित रहेंगी, यह एक समाज में रिश्तो को खराब करने वाली घटना है और कोर्ट ने भी यही माना कि यह समाज के प्रति बहुत गंभीर अपराध है, इसलिए जो सबसे मैक्सिमम सजा थी वो आजीवन कठोर कारावास करी गई है और ₹50 हजार का जुर्माना किया गया है। हमारे द्वारा इसमें लगभग अभियोजन द्वारा इसमें 10 गवाह पेश कराए गए थे अपना केस साबित करने के लिए और यह बेटी का सगा बाप था यह थाना बिलासपुर का मामला है इसमें आजीवन कठोर कारावास और ₹50 हजार का जुर्माना हुआ है और जुर्माना अदा न करने पर 6 माह का अति कारावास की सजा है।
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