यूसुफ मलिक ने जेल प्रशासन पर मनमानी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
रामपुर (रिज़वान ख़ान): समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के करीबी और उनके पैरोकार यूसुफ मलिक सोमवार को आज़म ख़ान से मिलने रामपुर जेल पहुंचे, लेकिन जेल प्रशासन ने बिना किसी स्पष्ट कारण बताए उन्हें आजम खान से मिलने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद जेल गेट पर ही भड़के यूसुफ मलिक ने जेल अधिकारियों पर गुंडागर्दी और जेल मैनुअल के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए।
जेल प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप
मलिक ने जेल गेट पर पत्रकारों से कहा, “जेल प्रशासन बिना किसी आधार के मुलाकात निरस्त कर रहा है। यह खुलेआम गुंडागर्दी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि जेलर पैसे की मांग कर रहे हैं। यूसुफ मलिक ने कहा, “अगर जेलर साहब को पैसे चाहिए तो खुलकर कह दें। मुझे जेल का सिस्टम अच्छी तरह पता है क्योंकि मैं खुद एक साल आठ महीने जेल में रह चुका हूं।”
आजम खान पर अत्याचार छुपाने का दावा
सपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि जेल के अंदर आजम खान के साथ जो ज्यादतियां हो रही हैं, उन्हें बाहर आने से रोकने के लिए उनकी मुलाकात रद्द की गई। उन्होंने कहा, “शायद इसलिए मुझे रोका गया ताकि आजम खान साहब पर हो रही ज्यादतियां बाहर न आ सकें।” मलिक ने बताया कि वह आजम खान के पैरोकार के रूप में उनके मुकदमों को देख रहे हैं और मुलाकात जरूरी थी।
कोर्ट जाने की चेतावनी
यूसुफ मलिक ने जेल प्रशासन के इस कदम को जेल मैनुअल का उल्लंघन बताते हुए कहा कि वह जेलर के खिलाफ न्यायालय जाएंगे और उन्हें उनके कर्मों की सजा दिलाएंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “ज्यादा दिन यह जुल्म बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
बताड़ें कि आजम खान फिलहाल पैन कार्ड मामले में सजा काट रहे हैं। उन पर सौ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, हालांकि कई मामलों में उन्हें बरी भी किया जा चुका है।
