याचिकाकर्ता ने दलील है कि इन लोकलुभावन योजनाओं के ज़रिये एक तरह से मतदाताओं को लालच दिया जा रहा है।
नई दिल्ली: पांच राज्यों में होने वाले चुनाव से पहले सरकारों की लोकलुभावन योजनाओं पर अब सुप्रीम कोर्ट में सख्ती दिखाई है। एक तरह से मतदाताओं को लालच देकर वोट लेने वाली इन योजनाओं के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश सरकार, राजस्थान सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस भेजा है।
गौरतलब है कि इन सभी राज्यों में मौजूदा सरकारों की कोशिश है कि आदर्श आचार संहिता लगने से पहले जल्दी जल्दी बड़ी बड़ी घोषणाएं कर दी जाएं ताकि मतदाता प्रभावित होकर लालच में आ जाए।
खासतौर पर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में ऐसा तेजी से हो रहा है। यहाँ लगभग हर रोज ही सरकारें बड़ी बड़ी योजनाओं का एलान कर रही हैं।
सरकारों द्वारा की जा रही इन घोषणाओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई और इनपर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में दलील दी है कि इन लोकलुभावन योजनाओं के जरिए एक तरह से मतदाताओं को लालच दिया जा रहा है। सरकारें पांच साल कुछ काम नहीं करती हैंं और आखिरी में चुनाव से पहले इस तरह जनता के टैक्स का पैसा लुटाकर वोट बटोरने की कोशिश करती हैं।
साथ ही इस याचिका में मांग की गई है कि राजनीतिक दलों के घोषणा-पत्रों पर भी नजर रखी जाना चाहिए। नेताओं से पूछा जाना चाहिए कि घोषणा-पत्र में किए गए बड़े-बड़े दावों को कैसे पूरा किया जाएगा।
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