अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी तुरंत शुरू की जाएगी और ईरान को टोल देने वाले किसी भी जहाज को वहां से गुजरने नहीं दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना ऐसे जहाजों को रोकने, उनकी जांच करने और जरूरत पड़ने पर जब्त करने के लिए अधिकृत होगी, जबकि अमेरिकी सेना जलडमरूमध्य में बिछाई गई खदानों को हटाने या नष्ट करने की कार्रवाई करेगी।
ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने जलमार्ग खोलने का अपना वादा पूरा नहीं किया और समुद्री खदानें बिछाकर अंतरराष्ट्रीय आवागमन को खतरे में डाला। उन्होंने इस कदम को वैश्विक दबाव और ब्लैकमेल करार देते हुए चेतावनी दी कि यदि ईरानी बलों ने अमेरिकी या अन्य शांतिपूर्ण जहाजों पर हमला किया, तो उसका “कड़ा और विनाशकारी” जवाब दिया जाएगा।
ट्रंप ने यह दावा भी किया कि ईरान के साथ वार्ता करीब 20 से 21 घंटे चली और कई मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु महत्वाकांक्षाओं से पीछे हटने को तैयार नहीं है और वह कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा।
इसी बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने बताया कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हुई। रिपोर्टों के अनुसार, इन वार्ताओं में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर की भूमिका को सराहा गया, जबकि अमेरिकी पक्ष की ओर से जेडी वैंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मौजूद थे।
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