ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। तेहरान और कई अन्य ईरानी शहरों से धमाकों की खबरें आने के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अब इस संघर्ष का अंत अमेरिका और इजरायल के नियंत्रण में नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
शनिवार तड़के ईरान की राजधानी तेहरान, इस्फ़हान, तबरीज़ और क़ोम जैसे महत्वपूर्ण शहरों में मिसाइल हमलों की खबरें मिलीं। स्थानीय चश्मदीदों के मुताबिक, तेहरान के बाहरी इलाकों में आसमान में धुएं के गुबार देखे गए हैं।
ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसियों के अनुसार, यह हमला अमेरिका और इजरायल की संयुक्त या समर्थित कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
इजरायल का दावा: ‘सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना’
इजरायली रक्षा अधिकारियों ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर कहा है कि ईरान के भीतर सरकारी इमारतों और सैन्य प्रतिष्ठानों को सटीक रूप से निशाना बनाया गया है। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से लगातार मिल रही धमकियों और उसकी क्षेत्रीय गतिविधियों के जवाब में की गई है।
ईरान की प्रतिक्रिया: ‘परिणाम गंभीर होंगे’
इस हमले के कुछ ही देर बाद ईरानी अधिकारियों ने एक तीखा बयान जारी किया। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला करार देते हुए कहा है:
“हमारी प्रतिक्रिया बहुत गंभीर और कठोर होगी। हमलावरों को यह समझ लेना चाहिए कि युद्ध शुरू करना उनके हाथ में हो सकता है, लेकिन इसका अंत अब उनके हाथ में नहीं है।”
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अब जवाबी कार्रवाई (Retaliation) की तैयारी कर रहा है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का खतरा पैदा हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम एक नज़र में:
- निशाने पर शहर: तेहरान, इस्फ़हान, तबरीज़, क़ोम और कराज।
- नुकसान: सैन्य ठिकानों पर हमले की रिपोर्ट, हताहतों की जानकारी प्रतीक्षित।
- अमेरिका की भूमिका: रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलों में अमेरिकी सहयोग की बात सामने आ रही है।
- ईरान का रुख: “बेहद कठोर” जवाबी हमले की चेतावनी दी।
विश्व की महाशक्तियां इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
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