…. …… ग़ज़ल …….. …..

आदमी हम तो एहतेजाज के हैं,
वो हमारे कहाँ मिज़ाज के हैं,
गैर के साथ इश्क़ मत करना
हम तुम्हारे नहीं समाज के हैं,
मेरे बच्चों की ममलकत है अलग
वो नहीं कल के बल्कि आज के हैं,
मज़हबी रंग मे रंगे हुये लोग
ये सितमगर तो तख़्त ओ ताज के हैं,
उन पे वाज़ेह न होइए ‘आमिर’
जाने किस क़ौम किस रिवाज के हैं
- बदायूं में रिश्ते का कत्ल: शराब के नशे में पिता ने कुल्हाड़ी से काटकर की बेटे की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
- बदायूं में नशेबाज युवक का हाईवे पर हाई वोल्टेज ड्रामा: बीच सड़क पर बैठकर किया हंगामा, लगा लंबा जाम
- बदायूं: बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन में 70.67% मतदान, शांतिपूर्ण संपन्न हुई वोटिंग
- मुरादाबाद में MLC चुनाव: मंडलायुक्त संगीता सिंह ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
- एमएलसी चुनाव: पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का बड़ा दावा- यूपी की सभी 11 सीटें एकतरफा जीतेगी बीजेपी
