प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित किसानों के लिए बड़ा अलर्ट जारी हुआ है। जिले में करीब 70 हजार किसान ऐसे हैं जिन्होंने अब तक अपनी फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है। ऐसे किसानों को इस योजना से बाहर किया जा सकता है।
एग्रीस्टैक परियोजना के तहत किसानों का डिजिटल डाटा बेस तैयार करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य की गई है। किसान https://upfr.agristack.gov.in पोर्टल, Farmer Registry UP ऐप या जन सुविधा केंद्रों के माध्यम से रजिस्ट्री करा सकते हैं। इसके अलावा कृषि, राजस्व या पंचायत विभाग के कर्मचारी और फार्मर सहायकों के जरिए भी यह कार्य करवाया जा सकता है।
अब तक जिले के 59 प्रतिशत किसानों ने अपनी रजिस्ट्री करा ली है। जिन किसानों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें सम्मान निधि और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो सकता है।
फार्मर रजिस्ट्री में किसान की भूमि का पूरा विवरण और आधार से सहमति के माध्यम से जानकारी दर्ज की जाती है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ जल्दी मिलेगा और बार-बार दस्तावेज जमा कराने से राहत भी मिलेगी।
खतौनी और आधार में नाम में आंशिक अंतर होने पर भी अब रजिस्ट्री संभव है। पोर्टल भूलेख से लिंक हो चुका है, जिससे विवरण अपडेट होते ही किसान की रजिस्ट्री स्वत: अपडेट हो जाएगी।
कृषि विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए सभी राजकीय बीज भंडारों, जनपद कार्यालयों और क्षेत्रीय कर्मचारियों के पास निःशुल्क फार्मर रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराई है। किसानों से अपील की गई है कि वे अपना आधार कार्ड, खतौनी और आधार से लिंक मोबाइल नंबर लेकर तुरंत अपनी रजिस्ट्री करवा लें, ताकि योजनाओं का लाभ निरंतर मिल सके।
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