- किसानों से किसको लगा डर ?
- फिर ऐसा किया हुआ कि सम्भल प्रशासन ने उठाया कदम
- किसान नेताओं को 50-50 लाख रुपये के निजी मुचलकों से पाबंद कराने के लिए नोटिस
- भाकियू ने प्रशासन की ओर जारी नोटिस को बताया गलत
यूपी के जनपद संभल में किसान आंदोलन को रफ्तार दे रहे किसान नेताओं पर कानून का शिकंजा कसा जा रहा है। 6 किसान नेताओं को 50-50 लाख रुपये के निजी मुचलकों से पाबंद कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
Globaltoday.in |मुज़म्मिल दानिश|सम्भल
उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 111 के तहत भाकियू असली के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह के साथ ही किसान नेता जयवीर सिंह, सतेंद्र उर्फ गंगाफल, ब्रह्मचारी, वीर सिंह, रोहदास को 50-50 लाख रुपये के निजी मुचलके से पाबंद करने के लिए नोटिस जारी किया है।
हयातनगर थाना पुलिस की आख्या को आधार बनाते हुए उप जिलाधिकारी ने नोटिस में कहा है कि यह लोग गांव-गांव जाकर दिल्ली व अन्य स्थानों पर चल रहे किसान आंदोलन का प्रचार कर रहे हैं। इससे शांतिभंग होने का खतरा है। इसलिए इन्हें 50-50 लाख रुपये के व्यक्तिगत मुचलके भरने और इतनी ही राशि की दो-दो जमानतें दाखिल कराने के लिए नोटिस दिया गया है। भाकियू के युवा नेता ऋषभ चौधरी को पांच-पांच लाख रुपये से पाबंद किए जाने का नोटिस जारी किया है
भाकियू असली के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि प्रशासन की ओर जारी नोटिस गलत है। इसका कोई औचित्य उनकी नजर में नहीं है। इसलिए वह नोटिस मिलने पर भी मुचलका दाखिल नही करेंगे।
जिला उपाध्यक्ष जयवीर सिंह ने कहा कि इस तरह के नोटिस जारी करने से लगता है कि सरकार आंदोलन का दमन करना चाहती है। लेकिन हम डरने और दबने वाले नहीं हैं। न ही कोई मुचलका भरेंगे।
पांच-पांच लाख रुपये मुचलके से पाबंद कराए जाएंगे यह किसान नेता
भाकियू टिकैत के पदाधिकारी कासमपुर निवासी महीदेव सिंह, भवानीपुर निवासी सुमित तेवतिया, किसान नेता बड़ा ताजुद्दीन निवासी राजवीर सिंह, भाकियू असली के मंडल महामंत्री संजीव गांधी और भदरौला निवासी भाकियू नेता अर्जुन सिंह को पांच-पांच लाख रुपये के मुचलके से पाबंद किया गया है।
असमोली पुलिस ने मदाला के बाबू इसरार और रामपुर उर्फ यारपुर के रामवीर त्यागी को पांच-पांच लाख रुपये के मुचलके से पाबंद कराए जाने की संस्तुति की है।
भारतीय किसान यूनियन असली केे राष्ट्रीय अध्यक्ष हरवीर सिंह कहना है कि किसान लगातार आंदोलन करते रहेंगे। यह हमको नजर बंद रखें या खुला हम शांति व्यवस्था बनाते हुए आंदोलन चलाते रहेंगे। जो भी इनकेेेे खिलाफ आवाज उठाता है या तो मुजरिम या आतंकवादी, अलगाववादी घोषित कर देते हैं। किसान है अन्नदाता हैं हम अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे यह नोटिस सरकार की असफलताा का एक नमूना है।
प्रशासन ने किसानों को भेजे गए 50 लाख रुपए के नोटिस को किया निरस्त
संभल के उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने बताया है कि सभी 20 किसानों को जिला प्रशासन की ओर से जारी नोटिस आज पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर निरस्त कर दी गई। उन्होंने बताया कि किसानों की ओर से यह प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ कि जल्दबाजी में हमें यह नोटिस जारी की गई है और पुलिस ने यह रिपोर्ट गहन जांच करके नहीं भेजी है, इसीलिए इस रिपोर्ट की गहन जांच करा दें।
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