कश्मीर फाइल्स पर बसपा सांसद का बड़ा बयान, फ़िल्म बेन करने की मांगकश्मीर फाइल्स पर बसपा सांसद का बड़ा बयान, फ़िल्म बेन करने की मांग

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फिल्म ‘कश्मीर फाइल्स’ पर बसपा सांसद कुँवर दानिश अली ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने फिल्म को बेन करने की मांग की है। दानिश अली ने कहा कि भाजपा नफरत की यूनिवर्सिटी चला रही है।

Globaltoday.in | मुज़म्मिल दानिश | अमरोहा

अमरोहा से बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने फिल्म द कश्मीर फाइल्स पर बैन लगाने की बात दोहराई है।

दानिश अली का कहना है कि ये भाजपा का एक एजेंडा चल रहा है , और देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग इस फ़िल्म का कैम्पेन कर रहे हैं जो देश के भविष्य के लिए अच्छा नही है।

उन्होंने कहा कि फ़िल्म अधूरे तथ्यों पर बनी है। इस तरह की फिल्में नफरत फैलाने के सिवा कुछ नही है। जो कश्मीरी पंडितों के साथ हुआ वो नाकाबिले बर्दाश्त है , उन्हें वहां दोबारा बसाया जाना चाहिये। उस दौरान पंडितो के अलावा हजारो लोग और भी ऐसे मारे गए जो कश्मीरी पंडितों को बचा रहे थे, उन्हें भी आतंकवादियों ने भून दिया था। वह आतंकवाद पड़ोसी मुल्क से आया था, और यहाँ पर भाजपा समर्थित सरकार के जगमोहन गवर्नर थे, आपके पास ही सरकार थी और आपके रहते वहाँ से कश्मीरी पंडितों को हटाना पड़ा।

दानिश अली ने कहा अब जिस 32 साल की नाइंसाफी की बात हो रही है उसमें से 14 साल तो भाजपा की सरकार ही रही है और जो पार्लिमेंट के ऊपर एटैक करने वाले अफजल गुरु को शहीद बताने वालो के साथ आपने सरकार चलाई है। मुफ़्ती मोहम्मद साहब को मुख्यमंत्री बनने का सपना मोदी जी ने पूरा कराया है। महबूबा मुफ्ती को मुख्यमंत्री अपने बनाया। अधूरा सच बहुत घातक होता है कहानी पूरी दिखानी चाहिए थी।
वहीं पश्चिम बंगाल में कल भाजपा सांसद पर हुए हमले पर पूछे गए सवाल पर बसपा सांसद ने कहा की सभ्य समाज मे हिंसा की कोई जगह नही है। ऐसी घटनाओं की जांच होकर कार्यवाही होनी चाहिए और उन लोगो पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। जो लोग ट्विटर और सोशल मीडिया पर फ़िल्म देखने के बाद थियेटर के अंदर एक राजनीतिक दल और उससे जुड़े हुए दल नफरत फैलाने के लिए भाषण देते हैं, उनके ऊपर भी कार्यवाही होनी चाहिए, सरकार को आंख मूंद कर नही बैठना चाहिए।

द कश्मीर फाइल्स फ़िल्म की स्टार कास्ट की आज योगी आदित्यनाथ के साथ होने वाली मीटिंग पर सवाल के जवाब में बसपा सांसद बोले कि जब देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री देश के नोजवानो को रोजगार देने की बजाय पूरी सरकार एक फ़िल्म के प्रमोशन में लगी हुई है इससे दुर्भाग्य की बात हो नही सकती। इस फ़िल्म से पहले गुजरात फाइल्स बनी थी जिस पर मोदी जी ने खुद प्रतिबंध लगाया था, उस टाइम फ्रीडम स्पीच की बात दिमाग मे नही आई थी। अब आपको मेंडेट मिल गया , अब इस नफरत की युनिवरसिटी को बंद कीजिए, देश ऐसे आगे नही बढ़ पायेगा।

सांसद कुंवर दानिश अली से जब पूछा गया कि क्या आने वाले समय मे कोई चुनाव होने वाला है जो भाजपा इस तरफ से फ़िल्म के प्रमोशन में लगी है? तो वो बोले कि सबको पता है गुजरात में विधानसभा चुनाव है, और ये उनकी 2024 की तैयारी है क्योकि ओर कुछ तो है नहीं इनके पास दिखाने के लिए नफरत सिवाय। जब देश की जनता समझेगी और इसका खामियां सबको भुगतना पड़ेगा,

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