लखनऊ ब्यूरो: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद दुखद और रूह कपां देने वाली खबर सामने आई है। सोमवार दोपहर बाद अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। इमारत के भीतर दम घुटने और झुलसने के कारण कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं, जिसके चलते मौतों का यह आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे बच्चे, दीवार तोड़कर निकाला गया बाहर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी अचानक और तेजी से फैली कि बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जान बचाने के लिए कुछ छात्र इमारत की खिड़कियों से नीचे कूद गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य के दौरान फायरमैन ने इमारत की दीवार को तोड़कर अंदर फंसे 20 से अधिक छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश, जताया दुख
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा:
“लखनऊ में अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।”
हादसे पर गरमाई राजनीति: पक्ष-विपक्ष ने जताया गहरा शोक
इस भीषण अग्निकांड के बाद राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर है। देश और प्रदेश के बड़े नेताओं ने इस हादसे पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और जांच की मांग उठाई है।
राहुल गांधी (कांग्रेस नेता): “लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने के हादसे में कई लोगों की मृत्यु और कई अन्य के घायल होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। सभी शोकाकुल परिवारों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।”
अखिलेश यादव (सपा अध्यक्ष): पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुखद घटना है, इसके पीछे के कारणों की ईमानदारी से जांच हो। बच्चे किसी के घर के भी हो सकते थे। सरकार घायलों के लिए सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुनिश्चित करे।”
मायावती (बसपा प्रमुख): बीएसपी प्रमुख ने इस मामले पर राजनीति न करने की सलाह देते हुए कहा, “ऐसी जानलेवा घटनाएं दिल को दहलाने वाली होती हैं। इस प्रकार की दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिए सबको मिलकर सही से काम करने की जरूरत है, सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा।”
सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर कमर्शियल इमारतों और कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी मानकों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराना है, इसके बाद घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी कि क्या कोचिंग सेंटर के पास जरूरी एनओसी (NOC) थी या नहीं।
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