रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बरेली में युध्द से निपटने के लिए किया गया 10 मिनट का ब्लैक आउट

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Globaltoday.in | गुलरेज़ खान | बरेली

  • ब्लैक आउट के दौरान पुलिस और सिविल डिफेंस ने संभाला मोर्चा
  • मॉक ड्रिल के दौरान हुआ बमों से हमला
  • हमले में घायलों को एम्बुलेंस से भेजा गया अस्पताल
  • नागरिक सुरक्षा मंत्री धर्मपाल सिंह ने कराया कार्यक्रम का आयोजन
  • त्रिशूल एयरफ़ोर्स, आईवीआरआई के आस पास रहा 10 मिनट का ब्लैक आउट

अगर अचानक हवाई हमला हो जाता है तो वहां मौजूद लोगों का बचाव कैसे किया जाए ? हवाई बमबारी से स्थानीय लोगों को क्या करना चाहिए?

इन्हीं सब बातों को लेकर बरेली में इज्जतनगर थाना क्षेत्र के आईवीआरआई गेट पर शनिवार को एक मॉक ड्रिल का आयोजन केबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह द्वारा किया।

घड़ी में 11 बजते ही सायरन बजाया गया और उस सायरन के साथ ही पूरे बरेली शहर में ब्लैक आउट हो गया। ब्लैकआउट में लोगों की हाहाकार साफ सुनाई दे रही थी।

दरअसल मॉक ड्रिल एक काल्पनिक दृश्य होता है जिसमें यह दर्शाया जाता है कि अगर हमला हो जाता है तो स्थानीय लोगों को उससे कैसे बचाया जा सकता है।

इस मौके पर हवाई हमले के बाद किस तरह का दृश्य उभर कर आता है उसको दर्शाने की पूरी कोशिश की गई थी।

मॉक ड्रिल में मुख्य अतिथि कैबिनेट मिनिस्टर धर्मपाल सिंह सिविल डिफेंस की तारीफ करते हुए कहा कि पुलिस और फ़ौज दोनों ही की सुरक्षा चाकचौबंद हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का आयोजन गोरखपुर में भी करवाएंगे।

केबिनेट मिनिस्टर ने इस मौके पर कहा कि हमारे पास यूक्रेन जैसे बंकर नहीं हैं लेकिन मॉक ड्रिल के जरिये हम जागरूक हो सकते हैं।

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