रामपुर, 17 सितंबर 2025: मो. आज़म ख़ान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में आज पाँचवाँ दीक्षांत समारोह बड़े ही भव्य तरीके से आयोजित हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में बने पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया गया। समारोह की शुरुआत अकादमिक प्रोसेशन से हुई, जो रजिस्ट्रार डॉ. एस.एन. सलाम के निर्देशन में विश्वविद्यालय के वीसी लॉज से प्रारंभ होकर पंडाल तक पहुँची, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी और प्रोफेसर शामिल रहे।

मुख्य अतिथि और विशेष उपस्थिति
दीक्षांत समारोह में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश सैयद वाइज मियां मुख्य अतिथि रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि डिग्री प्राप्त करना शिक्षा का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। उन्होंने छात्रों को समाज और राष्ट्र की बेहतरी के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करने की प्रेरणा दी। उन्होंने भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों पर बल देते हुए कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जो चरित्र निर्माण करे और आत्मनिर्भर बनाए।

डिग्रियों और स्वर्ण पदकों का वितरण
समारोह में वर्ष 2023–24 के बैच के 289 विद्यार्थियों को स्नातक, परास्नातक और डिप्लोमा की उपाधियाँ प्रदान की गईं। इनमें से 29 छात्रों को स्वर्ण पदक और 05 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। उपाधि और पदक प्राप्त करने पर छात्रों में विशेष उत्साह देखा गया।


कुलपति का संबोधन
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जहीरुद्दीन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं बल्कि समाज और मानव कल्याण के लिए कार्य करना है। उन्होंने छात्रों को सतत शोध और नवाचार की दिशा में प्रेरित किया। कुलपति ने कहा कि शिक्षा को न केवल पाठ्यक्रम तक सीमित बल्कि इंटरएक्टिव, गुणवत्ता-आधारित और व्यवहारिक होना चाहिए।
अतिथियों के विचार
- प्रो चांसलर मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की मेहनत और उत्कृष्टता का प्रतीक है तथा यह युवाओं की ऊर्जा और जोश को नई दिशा प्रदान करता है।
- डॉ. तंज़ीन फातिमा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने ज्ञान और क्षमताओं को समाज कल्याण को समर्पित करें और उच्च लक्ष्य बनाकर उन्हें प्राप्त करने का सतत प्रयास करें।
- न्यायमूर्ति सैयद वाइज मियां ने विवि के विकास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब विद्यार्थी समाज के लिए प्रकाशपुंज बनें।
- डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. गुलरेज़ निज़ामी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और समापन
समारोह की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन पाक से हुई, इसके बाद छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम संचालन डॉ. शारिक अकील ने किया जिन्होंने अपने अंदाज से समारोह को जीवंत और यादगार बना दिया।
उल्लेखनीय उपस्थिति
इस अवसर पर प्रो वाइस चांसलर प्रो. एम.आर. खान, रजिस्ट्रार डॉ. एस.एन. सलाम, विभिन्न संकायों के डीन, प्राचार्य, प्रोफेसर, कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और विद्यार्थी उपस्थित रहे। मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा भी समारोह में मौजूद रहीं।

नई शिक्षा नीति की झलक
दीक्षांत समारोह में माध्यमिक और सीबीएसई बोर्ड के लगभग 150 विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया। विश्वविद्यालय ने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 21वीं सदी के आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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