मुरादाबाद: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) के प्रमुख सदस्य मज़ाहिर रुहैला पठान ने समाज में अमन-चैन और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष दुआ और अहद (शपथ) के ज़रिए एकता का पैगाम दिया है। उन्होंने अल्लाह को गवाह मानकर यह संकल्प लिया कि वे और उनके साथी अपने वतन के प्रति वफादारी और मानवता की सेवा के मार्ग पर चलेंगे।
अमन और वतन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता
मज़ाहिर रुहैला पठान ने अपने संबोधन की शुरुआत बिस्मिल्लाह से करते हुए सभी देशवासियों को भाई-चारे का संदेश दिया। उन्होंने तीन मुख्य स्तंभों पर ज़ोर दिया:
- पड़ोसियों से प्रेम: अपने पड़ोसियों के साथ मोहब्बत का रिश्ता रखना।
- रिश्तेदारों के अधिकार: अपनों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों और उनके हक़ को पूरी ईमानदारी से अदा करना।
- वतन से वफ़ादारी: अपने देश के प्रति निष्ठावान रहना और उसकी प्रगति में योगदान देना।
किरदार और अमल पर ज़ोर
पठान ने इस बात पर विशेष बल दिया कि एक व्यक्ति की पहचान उसके किरदार (चरित्र) से होती है। उन्होंने कहा,
“हम ईमानदारी के साथ यह कोशिश करेंगे कि हमारी ज़ुबान, हमारे किरदार और हमारे अमल (कार्यों) से किसी को भी तकलीफ न पहुंचे।”
दुआ के साथ किया समापन
मज़ाहिर रुहैला पठान ने अपनी बात को एक सामूहिक दुआ के साथ समाप्त किया, जिसमें उन्होंने अल्लाह से इस नेक रास्ते पर अडिग रहने की शक्ति मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य समाज में फसाद (अशांति) को खत्म करना और ‘अमन का पैगाम’ पहुंचाना है।
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