रामपुर की शान बने जमशेद इक़बाल खान, प्रतिष्ठित यौमे उर्दू अवॉर्ड से हुए सम्मानित

Date:

रामपुर: दिल्ली की चकाचौंध भरी मीडिया दुनिया में रामपुर के होनहार पत्रकार जमशेद इक़बाल खान ने एक बार फिर अपने जनपद का नाम रोशन किया है। उर्दू पत्रकारिता में अपने अनुकरणीय योगदान के लिए उन्हें अमीन सयानी आलमी यौमे उर्दू अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि रामपुर की पत्रकारिता परंपरा और उर्दू भाषा के प्रति उनकी निष्ठा का प्रतीक भी है।

देश के सबसे प्रतिष्ठित समाचार चैनल “आज तक“ में सीनियर एडिटर के महत्वपूर्ण पद पर आसीन जमशेद इक़बाल खान पिछले ढाई दशक से भारतीय पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। उनकी यात्रा रामपुर की गलियों से शुरू होकर देश की राजधानी के न्यूज़ रूम तक पहुंची है, जो युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

न्यूज़ एडिटिंग और रिपोर्टिंग में उनकी विशेषज्ञता ने उन्हें मीडिया जगत में एक अलग पहचान दिलाई है। उनके नेतृत्व में संचालित न्यूज़ रूम्स ने पेशेवर पत्रकारिता के नए मानक स्थापित किए हैं, जहां गुणवत्ता, सटीकता और जिम्मेदारी सर्वोपरि रही है।

इस सम्मान का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह उर्दू पत्रकारिता में उनके उल्लेखनीय योगदान को रेखांकित करता है। एक ऐसे दौर में जब क्षेत्रीय भाषाओं की पत्रकारिता चुनौतियों से जूझ रही है, जमशेद इक़बाल खान ने उर्दू को मुख्यधारा की पत्रकारिता में प्रासंगिक बनाए रखा है।

जमशेद इक़बाल खान की यह उपलब्धि पूरे रामपुर जनपद के लिए गर्व की बात है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा, समर्पण और कड़ी मेहनत से कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। रामपुर की धरती से निकलकर देश की पत्रकारिता में शिखर तक पहुंचने की उनकी यात्रा हर युवा के लिए प्रेरणादायक है।

यह सम्मान न केवल जमशेद इक़बाल खान की व्यक्तिगत उत्कृष्टता को दर्शाता है, बल्कि रामपुर की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को भी नई पहचान देता है।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

‘Hum Aur Tum’: A Musical Journey Through Love, Longing and the Beautiful Shades of Life

Devanand Jha and Shweta Dubey mesmerise audiences with timeless...

इबरत का मुक़ाम: औलिया की चौखट और बादशाह का मक़बरा

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में कदम रखते ही इतिहास,...

JMI Teaching, Non-Teaching Staff Condemn ‘Objectionable Slogans’; University Shifts Classes Online

New Delhi, October 24, 2026: Over 1,500 teaching and...