“दिल्ली का हर बच्चा हमारा अपना है”: शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने छात्रों को दिया ‘Local Guardian’ होने का भरोसा

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नई दिल्ली: दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बोर्ड परीक्षाओं (Board Exams) से ठीक पहले छात्रों और अभिभावकों के पक्ष में एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने ‘Apeejay School’ विवाद में सफल हस्तक्षेप के बाद छात्रों को एडमिट कार्ड दिलाने में मदद की और आम आदमी पार्टी (AAP) पर “ऑप्टिक्स” (दिखावे) की राजनीति करने का कड़ा आरोप लगाया।

मुख्य आकर्षण: शिक्षा मंत्री के संबोधन की बड़ी बातें

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार हर छात्र के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। संबोधन के प्रमुख बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • 24/7 सहायता का वादा: मंत्री सूद ने भावुक होते हुए कहा, “दिल्ली का हर बच्चा हमारा अपना बच्चा है।” उन्होंने घोषणा की कि चाहे सरकारी स्कूल हो या प्राइवेट, उनके घर और ऑफिस के दरवाजे छात्रों के लिए हमेशा खुले हैं।
  • अभिभावक (Local Guardian) की भूमिका: परीक्षाओं के तनाव के बीच उन्होंने छात्रों से कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार और वे स्वयं उनके ‘लोकल गार्जियन’ की तरह खड़े हैं। उन्होंने छात्रों को बिना किसी मानसिक तनाव के केवल परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
  • फीस वसूली के दमनकारी तरीकों पर रोक: मंत्री ने फीस एक्ट के सेक्शन 13 का हवाला देते हुए स्कूलों को चेतावनी दी कि फीस वसूली के लिए किसी भी “Coercive method” (दमनकारी तरीका) का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

‘AAP’ की राजनीति और ‘Optics’ पर प्रहार

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि AAP ने पिछले 5 सालों में समस्याओं को सुलझाने के बजाय उन्हें उलझाया है।

“केवल दिखावे (Optics) के लिए स्कूल को सुबह सील किया गया और कुछ ही मिनटों में कोर्ट ने उसे खोल दिया। हमारी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है, न कि ट्विटर-ट्विटर खेलना।”

छात्रों के लिए ‘Mental Stability’ पहली प्राथमिकता

लाखों बोर्ड परीक्षार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक दायित्व छात्रों को ‘Mental Stability’ और हौसला प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी छात्र का भविष्य प्रशासनिक या कानूनी विवादों के कारण अधर में नहीं लटकना चाहिए।

मंत्री सूद के इस कदम से उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है जो स्कूल और प्रशासन के बीच जारी खींचतान से डरे हुए थे। सरकार ने साफ कर दिया है कि दिल्ली के बच्चों के करियर के साथ कोई समझौता नहीं होगा।

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