नई दिल्ली: रिश्तों की मर्यादा और समाज के नियमों को ताक पर रखने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर किसी का भी सिर चकरा जाए। दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके की रहने वाली शबनम उर्फ शब्बो ने अपने पति इमरान और अपनी ही सगी बहन अफसाना पर जो आरोप लगाए हैं, उन्होंने न केवल पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर दिया है, बल्कि कानूनी और मजहबी गलियारों में भी नई बहस छेड़ दी है।
मुख्य आरोप: एक समय में दो शौहर रखने का दावा
इस पूरे विवाद का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि शबनम के अनुसार, उसकी बहन अफसाना ने बिना तलाक लिए ही शबनम के पति इमरान से निकाह कर लिया है। शबनम का आरोप है कि अफसाना का पहले पति से अभी तक तलाक नहीं हुआ है और वह अब भी उसके संपर्क में है। यदि यह आरोप सच साबित होते हैं, तो यह सीधे तौर पर बहुविवाह (Polyandry) का मामला बनता है, जो कानून और इस्लाम दोनों में वर्जित है।
घरेलू हिंसा और एसिड अटैक जैसे गंभीर आरोप
शबनम की बड़ी बहन (जो इस मामले में शबनम का साथ दे रही हैं) ने इमरान पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि इमरान की नजरें शुरू से ही ‘गंदी’ थीं। बड़ी बहन के अनुसार:
- चेहरा जलाने की कोशिश: जब उन्होंने इमरान की गलत हरकतों का विरोध किया, तो इमरान ने उन पर गर्म तेल डालकर उनका चेहरा जलाने की कोशिश की, जिसका केस कड़कड़डूमा कोर्ट में चल रहा है।
- अवैध संबंध: आरोप है कि इमरान के पहले भी 9-10 औरतों के साथ अफेयर रह चुके हैं।
- पुलिस की मिलीभगत: शबनम का आरोप है कि इमरान पेशे से कारपेंटर है लेकिन वह पुलिस को पैसे खिलाकर बच जाता है, जिससे उसकी डीसीपी ऑफिस तक की शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
बहन ही बनी घर की दुश्मन
शबनम ने भारी मन से बताया कि जिस बहन अफसाना को उसने अपने घर के पास बसाया था, उसी ने उसका घर उजाड़ दिया। शबनम के अनुसार, अफसाना ने पहले भी कई मर्दों से संबंध रखे और अब वह उसके पति इमरान के साथ रह रही है। यही नहीं, विरोध करने पर अफसाना शबनम और उसके बच्चों को केस में फंसाने और जान से मारने की धमकियां भी दे रही है।
मजहब और समाज पर सवाल
इंटरव्यू में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने भी चिंता जताई है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि अगर समाज में इस तरह के मामले (एक महिला के दो पति) आम होने लगे, तो मजहब और नैतिकता का क्या होगा? फिलहाल शबनम अपने तीन बच्चों के साथ इंसाफ की गुहार लगा रही है।
ऐसे में गुलाम सरवर नामक व्यक्ति ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया है और शबनम को इंसाफ दिलाने की बात की है। उन्होंने मुस्लिम समाज के विद्वानों (उलमा) से अपील की है कि वे इस मामले में आगे आएं और पीड़िता को इंसाफ दिलाने में मदद करें, ताकि समाज में ऐसे गलत उदाहरण पेश न हों।
गुलाम सरवर का स्पष्ट कहना है कि इस मामले में जो भी जिम्मेदार है, उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि इस्लाम जैसे बेहतरीन मजहब के नाम पर कुछ लोग ऐसी हरकतें कर रहे हैं जिससे समाज और धर्म दोनों की बदनामी हो रही है।
देखें पूरा इंटरव्यू: यह पूरा मामला एक निजी यूट्यूब चैनल Jamianagar update के माध्यम से सामने आया है, जिसमें दोनों बहनों और उनके संघर्ष की कहानी बयां की गई है।
https://www.youtube.com/watch?v=AbqXxlMx_d0
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