ट्रंप के चीन दौरे से पहले अमेरिका का बड़ा एक्शन: ईरान की मदद करने वाली 10 कंपनियों और लोगों पर लगाया प्रतिबंध

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वाशिंगटन/बीजिंग: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित चीन यात्रा से ठीक पहले अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है। जो बाइडन प्रशासन के बाद ट्रंप प्रशासन ने ईरान के ड्रोन और मिसाइल कार्यक्रम पर नकेल कसते हुए 10 व्यक्तियों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध (Sanctions) लगा दिए हैं। इन प्रतिबंधित संस्थाओं में चीन, हांगकांग, दुबई और बेलारूस की कंपनियां शामिल हैं।

चीन दौरे से पहले बढ़ा तनाव

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 मई को चीन के दौरे पर जाने वाले हैं, जहाँ उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होनी है। हालांकि, चीन ने अभी तक इस यात्रा की आधिकारिक तारीखों का ऐलान नहीं किया है। ट्रंप इससे पहले नवंबर 2017 में बीजिंग गए थे। जानकारों का मानना है कि इस दौरे से ठीक पहले प्रतिबंध लगाकर अमेरिका ने चीन को स्पष्ट कूटनीतिक संदेश दिया है।

क्यों हुई कार्रवाई? (अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का रुख)

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, ये कंपनियां और लोग ईरान को ड्रोन, मिसाइल और घातक हथियार बनाने के लिए जरूरी तकनीक और सामान उपलब्ध करा रहे थे। विभाग ने चेतावनी दी है कि:

  • ईरान के सैन्य उद्योग को दोबारा मजबूत नहीं होने दिया जाएगा।
  • ईरान की मदद करने वाले विदेशी बैंकों, कंपनियों और व्यापारियों पर भविष्य में भी कार्रवाई जारी रहेगी।
  • चीन की छोटी निजी तेल रिफाइनरियों और संदिग्ध एयरलाइंस पर विशेष नजर रखी जा रही है।

इन प्रमुख कंपनियों पर गिरी गाज

प्रतिबंधों की सूची में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है:

कंपनी/संस्था का नामदेशआरोप
Yushita Shanghai Internationalचीनईरान को हथियारों से जुड़ा सामान मुहैया कराना।
Elite Energy FZCOदुबईईरान के लिए सामान खरीदने हेतु करोड़ों डॉलर का लेन-देन।
HK Hesin Industry Co Ltdहांगकांगहथियार खरीद नेटवर्क में बिचौलिए की भूमिका।
Armory Alliance LLCबेलारूससैन्य साजो-सामान की आपूर्ति में मध्यस्थता।
Hitex Insulation Ningboचीनबैलिस्टिक मिसाइलों के लिए मटेरियल सप्लाई करना।

इसके अलावा, Pishgam Electronic Safeh Co पर ड्रोन मोटर खरीदने और Mustad Ltd पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड फोर्स (IRGC) के लिए हथियार खरीदने में मदद करने के गंभीर आरोप हैं।


प्रतिबंधों का वैश्विक असर और रणनीतिक महत्व

एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में।

पृष्ठभूमि: फरवरी में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था। इस कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई बाधित हुई और कीमतों में भारी उछाल आया था। अमेरिका अब इन प्रतिबंधों के जरिए खाड़ी देशों और व्यापारिक जहाजों पर मंडराते खतरे को कम करना चाहता है।

अब पूरी दुनिया की नजरें ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात पर टिकी हैं, जहाँ व्यापारिक रिश्तों के साथ-साथ इन प्रतिबंधों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

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