रामपुर/रिज़वान ख़ान: फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा रामपुर से सपा के टिकट पर दो बार लोकसभा की सांसद रह चुकी हैं। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा के चुनाव के दौरान उन्होंने एक सड़क का उद्घाटन कर डाला था। इसके बाद उन्हें आचार संहिता उल्लंघन का आरोपी मानते हुए उनके विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया था। यह मामला तभी से अदालत में विचाराधीन है। पिछली कई तारीखों से वह अदालत में गैर हाजिर चल रही थीं जिसके चलते उनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू वारंट अदालत की ओर से जारी कर दिए गए थे इसी मामले में आज सुनवाई हुई है।
रामपुर की एमपी एमएलए अदालत एक बार फिर से सुर्खियों में है। इसका कारण फिल्म अभिनेत्री एवं पूर्व सांसद जयाप्रदा के द्वारा वर्ष 2019 में लोकसभा के चुनाव के दौरान एक सड़क के उद्घाटन कर देने पर आचार संहिता उल्लंघन का वह मामला है, जिसमें वह कई तारीखों पर अगर हाजिर रहीं और इसके बाद उनके खिलाफ अदालत में घर जमानती वारंट जारी कर दिया था। फिलहाल इस मामले में जयप्रदा के अधिवक्ता संदीप सक्सेना की ओर से उनके गैर हाजिर रहने के कारण को स्पष्ट किया गया है।
अभियोजन अधिकारी नीरज कुमार के मुताबिक लोकसभा चुनाव के दौरान जयाप्रदा के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित मामला दर्ज हुआ था जिसमें वह कई बार से अदालती कार्यवाही से गहराधे चल रही थी और इसी मामले में कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ घर जमानती वारंट जारी किए गए थे। आज भी वह गैरहाजिर रही इसके बाद कोर्ट ने कार्यवाही करते हुए जयाप्रदा के जमानतियों को भी नोटिस जारी कर दिए हैं और उनकी हाजिरी को लेकर इसी महीने की 24 नवंबर की तारीख मुकर्रर कर दी गई है।
गौरतलब है कि अभिनेत्री जयप्रदा ने वर्ष 2004 में पहली बार रामपुर से सपा की टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा था और वह सांसद चुनी गई थी। कुछ इसी तरह वर्ष 2019 में हुए लोकसभा के आम चुनाव में भी उन्होंने सपा प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी। लेकिन बाद में जयाप्रदा की समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान से अनबन हो गई थी। जयाप्रदा और अपने समकक्ष सपा नेता अमर सिंह का विरोध करने के बाद आजम खान को निष्कासित भी कर दिया गया था। अभिनेत्री जयाप्रदा ने वर्ष 2019 में भाजपा का दामन थाम लिया था और फिर वह इसी पार्टी से लोकसभा के चुनाव में उतरी थीं और उनका मुकाबला उनके राजनीतिक दुश्मन आजम खान से था। हालांकि यह बात अलग है कि इस चुनावी मुकाबले में आजम खान ने 1 लाख वोटो से अधिक के अंतर से जयाप्रदा को चुनाव हरा दिया था। इसी चुनाव में प्रचार के दौरान जयाप्रदा पर स्वार विधानसभा क्षेत्र में एक सड़क का उद्घाटन कर देने के मामले में आचार संहिता उल्लंघन को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ था।
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