उत्तर प्रदेश/रामपुर(रिज़वान ख़ान): जनपद रामपुर में राष्ट्रीय लोकदल अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल रामपुर के एक दंत चिकित्सक के खिलाफ जिलाधिकारी मिलकर शिकायत की है। डॉक्टर सहेंद्र के खिलाफ इन लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, यहाँ तक कि उनकी पोस्टिंग पर भी सवाल खड़े किये है।
जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में शिकायत की है कि डॉक्टर सहेंद्र जो कि एक डेंटल सर्जन है जिनकी तैनाती पूर्व में तहसील स्वार, सीएससी में थी। लेकिन स्वास्थ विभाग द्वारा उन्हें यहां रामपुर में अटैचमेंट कर जिला अस्पताल भेजा गया है हालांकि सरकार द्वारा अटैचमेंट को समाप्त कर दिया गया है फिर भी डॉक्टर सहेंद्र का अटैचमेंट जिला अस्पताल रामपुर में किया गया है जो सरासर गलत है। जिला अस्पताल रामपुर में डेंटल सर्जन पहले से ही मौजूद हैं उसके बावजूद भी सहेंद्र भी तैनाती की गई है जो सरासर गलत है।

जिलाधिकारी जोगेंद्र सिंह को दिए ज्ञापन में मांग की गयी है कि डॉक्टर सहेंद्र को हटाया जाए और जहां पर इसकी तैनाती थी वहीं पर उन्हें वापस भेजा।
इसके अलावा डॉक्टर सहेंद्र पर यह भी आरोप लगाया है कि वह जिला अस्पताल से 2:00 बजे के बाद राजद्वारा में एक प्राइवेट क्लीनिक में मरीजों को ले जाता है और वहां पर उनका ऑपरेशन किया जाता है जब्कि इस ऑपरेशन में सारे औजार सरकारी अस्पताल के इस्तेमाल किए जाते हैं और 15 से ₹20000 की मोटी रकम वसूल की जाती है। मरीज़ को ऑपरेशन करने के बाद फिर उसे जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाता है।
ज्ञापन में लिखा है कि डॉक्टर सहेंद्र की शिकायतें स्वार में भी बहुत थीं और यहां रामपुर भी जब से ही आए हैं शिकायतें ही शिकायतें हैं। आरोप यह भी है कि डॉक्टर ड्यूटी पर 12:00 बजे के क़रीब आते हैं और 2:00 बजे तक बैठते हैं। इसके बाद मरिज़्ज़ों को प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर उनका ऑपरेशन करते हैं।
ज्ञापन में राष्ट्रीय लोकदल अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष मोहम्मद उस्मान ने मांग की है कि ऐसे डॉक्टर को तुरंत हटाया जाए। इतना ही नहीं यह भी कहा गया है कि अगर इनकी तैनाती सवार में नहीं की गई तो राष्ट्रीय लोकदल अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ आंदोलन करने को मजबूर होगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
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