अमेरिकी सीनेटर ने पाकिस्तान के चुनावों में धोखाधड़ी का उठाया, आरोपों की जांच करने की अपील की

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डेमोक्रेट पार्टी के सीनेटर ने लिखा, ‘‘दुर्भाग्य से, ये चुनाव राजनीतिक हिंसा, राजनीतिक अभिव्यक्ति पर अनुचित प्रतिबंधों और वोट में धांधली के आरोपों से घिरे रहे।’’

अमेरिकी सीनेट के एक सदस्य ने पाकिस्तानी प्राधिकारियों से पाकिस्तान के चुनावों में धांधली के आरोपों की समग्र जांच करने की अपील की है और इस बात पर जोर दिया है कि विश्वसनीय जांच न होने पर नई सरकार को पाकिस्तानी लोगों को एक साथ लाने के लिए संघर्ष करना होगा।

सीनेटर क्रिस वान होलेन(Chris Van Hollen) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत मसूद खान को 21 फरवरी को लिखे एक पत्र की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान में चुनाव के लिए आठ फरवरी को मतदान करने वाले लाखों पाकिस्तानियों की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि देशभर से और जीवन के हर क्षेत्र से पाकिस्तानी लोगों की महत्वपूर्ण भागीदारी दुनियाभर की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में चुनावों की मौलिक भूमिका को दर्शाती है।

डेमोक्रेट पार्टी के सीनेटर ने लिखा, ‘‘दुर्भाग्य से, ये चुनाव राजनीतिक हिंसा, राजनीतिक अभिव्यक्ति पर अनुचित प्रतिबंधों और वोट में धांधली के आरोपों से घिरे रहे।’’

कराची में जन्मे होलेन ने कहा कि पाकिस्तानी प्राधिकारियों ने सुरक्षा उपाय के रूप में मोबाइल दूरसंचार सेवा बंद कर दी और पंजाब प्रांत के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा आरोप लगाए गए कि उन्होंने ‘‘हारे हुए लोगों को धोखाधड़ी कर विजेता बनाने’’ और संसद की 13 सीट के परिणामों को बदलने में भूमिका निभाई थी।

होलेन ने पाकिस्तान से ‘‘धोखाधड़ी और चुनावी हस्तक्षेप के आरोपों की पूरी जांच’’ करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “विश्वसनीय जांच के अभाव में, नई सरकार पाकिस्तानी लोगों को एक साथ लाने के लिए संघर्ष करेगी।’’

इस बीच, पाकिस्तान के शीर्ष चुनावी निकाय द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय जांच समिति ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह द्वारा लगाए गए चुनाव में धांधली के आरोप ‘‘झूठे और निराधार’’ हैं।

रावलपिंडी के पूर्व आयुक्त लियाकत अली चट्टा ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के खिलाफ रावलपिंडी में व्यापक धांधली हुई।

चट्टा ने अपने पद से इस्तीफा देने से पहले दावा किया था कि रावलपिंडी के 13 उम्मीदवारों को जबरदस्ती विजेता घोषित किया गया, लेकिन चट्टा बाद में अपनी बात से पलट गए और उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के कहने पर ये आरोप लगाए थे जिसने उन्हें ‘‘अच्छा पद’’ देने का वादा किया था।

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