रामपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का पालन करते हुए रामपुर जिला प्रशासन ने चकबंदी कार्यों में एक नई मिसाल कायम की है। जिलाधिकारी (DM) श्री अजय कुमार द्विवेदी के कुशल नेतृत्व में जिले के दो गांवों में निर्धारित समय से आधे से भी कम समय में चकबंदी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ कार्य
चकबंदी नियमों के अनुसार, किसी भी गांव में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए 60 माह (5 वर्ष) की अवधि निर्धारित होती है। लेकिन रामपुर प्रशासन की तत्परता से तहसील टाण्डा के ग्राम ‘दर्शनपुर’ में यह कार्य मात्र 24 माह में और तहसील बिलासपुर के ग्राम ‘सरवरनगर’ में केवल 25 माह में पूरा कर लिया गया है।
पारदर्शिता और आम सहमति पर जोर
पूरे अभियान की तकनीकी और जमीनी कमान संभाल रहे बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी, श्री संजय कुमार ने बताया कि चकबंदी नियमों के तहत किसी भी ग्राम की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए 60 माह की लंबी अवधि निर्धारित होती है। हालांकि, विशेष प्रयासों के चलते तहसील टाण्डा के ग्राम ‘दर्शनपुर’ में 24 माह और तहसील बिलासपुर के ग्राम ‘सरवरनगर’ में मात्र 25 माह में चकबंदी प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई हैं।
पहले भी बना चुके हैं रिकॉर्ड
रामपुर में चकबंदी का यह पहला रिकॉर्ड नहीं है। इससे पहले जुलाई 2024 में तहसील टाण्डा के ही ग्राम ‘रफतपुर’ में भी संजय कुमार के नेतृत्व में ही चकबंदी प्रक्रिया मात्र 08 माह के ऐतिहासिक समय में पूरी की गई थी। वर्तमान में जिले के कुल 27 गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है।
कर्मचारियों को मिलेगा सम्मान
इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने ग्रामीणों और कृषकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। वहीं, जिलाधिकारी ने समय से पूर्व और प्रशंसनीय कार्य करने वाले चकबंदी स्टाफ और कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र व विशेष प्रविष्टि देने के निर्देश दिए हैं।
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