नई दिल्ली: प्रसिद्ध उर्दू पत्रकार मोहम्मद मुस्लिम (1920-1986) के जीवन और कार्यों पर आधारित एक महत्वपूर्ण पुस्तक محمد مسلم۔۔ عظیم انسان، بیباک صحافی “मोहम्मद मुस्लिम – एक महान इंसान, एक निडर पत्रकार” शीर्षक से प्रकाशित हुई है। करीब चार दशकों बाद यह पहला व्यापक प्रयास है जो मुस्लिम साहब के लेखन और 40 से अधिक प्रतिष्ठित हस्तियों के संस्मरणों को एक साथ प्रस्तुत करता है।
पुस्तक की प्रमुख विशेषताएं
वरिष्ठ पत्रकार जावेद अख्तर द्वारा संकलित यह 320 पृष्ठों की पुस्तक एमएमआई पब्लिकेशंस, नई दिल्ली से ₹350 मूल्य पर प्रकाशित की गई है। पुस्तक में मोहम्मद मुस्लिम के संपादकीय और निबंधों के साथ-साथ उन बुद्धिजीवियों, पत्रकारों और सामुदायिक नेताओं के योगदान शामिल हैं जो उन्हें करीब से जानते थे। यह पुस्तक अब फ्लिपकार्ट और अमेज़न पर भी उपलब्ध है।
स्वतंत्र भारत के सिद्धांतवादी पत्रकार
मोहम्मद मुस्लिम को स्वतंत्र भारत के सबसे सिद्धांतवादी उर्दू पत्रकारों में से एक के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने सत्य और सम्मान को सर्वोपरि रखा। उनके प्रशंसक उन्हें अल्लामा इकबाल के आदर्श मर्द-ए-मोमिन का जीवंत रूप मानते हैं।
दिग्गजों की राय
पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल ने कहा था: “मुस्लिम साहब से पहली ही मुलाकात में उनकी बुद्धिमत्ता, वाक्चातुर्य और तर्कपूर्ण भाषण ने मुझे प्रभावित किया। उनकी ईमानदारी और निडर सादगी ने मुझ पर स्थायी प्रभाव छोड़ा।”
वयोवृद्ध पत्रकार कुलदीप नैयर ने लिखा: “आज के युग में जब पत्रकारिता में बेईमानी हावी है और बहुत कम लोग सिद्धांतों के लिए लड़ते हैं, मुझे मुस्लिम साहब की बहुत याद आती है। वे केवल सिद्धांतवादी नहीं थे – वे स्वयं एक सिद्धांत थे।”
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति सैयद हामिद ने उनके गद्य को “संयमित, विचारशील, करुणामय और तुच्छता से मुक्त” बताया। पूर्व राजनयिक और राजनेता सैयद शहाबुद्दीन ने कहा: “जब भारतीय मुसलमानों का इतिहास लिखा जाएगा, तो मुस्लिम साहब के योगदान को स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा।”
समकालीन प्रासंगिकता
अपनी भूमिका में जमात-ए-इस्लामी हिंद के अमीर सैयद सादतुल्लाह हुसैनी ने पुस्तक की समकालीन प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा: “यह संग्रह पत्रकारों, सामुदायिक नेताओं और आंदोलन कार्यकर्ताओं के लिए एक व्यावहारिक रोल मॉडल प्रस्तुत करता है। उनके जीवन के कई पहलू आज विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।”
कुलदीप नैयर ने इसे “युवा पीढ़ी के लिए एक अमूल्य संसाधन” बताते हुए कहा: “यदि आज और कल के पत्रकार उनके जीवन की किताब से एक पन्ना भी ले लें, तो वे न केवल अच्छे मुसलमान बल्कि उत्कृष्ट नागरिक और पेशेवर भी बन जाएंगे।”
संकलनकर्ता का उद्देश्य
संकलक जावेद अख्तर ने कहा कि पुस्तक का उद्देश्य भावी पीढ़ियों को निडर पत्रकारिता और बेलाग ईमानदारी के उन मूल्यों से प्रेरित करना है जिन्हें मोहम्मद मुस्लिम ने जीवनभर अपनाया।
पुस्तक प्राप्ति के लिए संपर्क:
📞 7290092405 (एमएमआई पब्लिकेशंस, नई दिल्ली)
📞 9818504272 (जावेद अख्तर)
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