रामपुर(रिज़वान ख़ान): डूंगरपुर प्रकरण में आज सोमवार को एक और फैसला आया है जिसमें स्पेशल कोर्ट एमपी/एमएलए (सेशन ट्रायल) ने सपा नेता आज़म खान समेत 6 आरोपियों को बरी कर दिया है।
2019 में डुंगरपुर बस्ती में जमीन कब्जा के मामले में दर्जन भर केस दर्ज किए गए थे। अब इस मामले के राहत मिलने के बाद भी आजम खान के जेल से बाहर निकलने की उम्मीद अभी नहीं दिख रही है।
रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में सपा नेता आजम खान समेत सभी लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। समाजवादी पार्टी नेता आजम खान के खिलाफ 2019 में डूंगरपुर बस्ती में रहने वाले लोगों ने बस्ती को खाली कराने के नाम पर लूटपाट, चोरी, मारपीट, छेड़खानी समेत अन्य धाराओं में गंज थाने में 12 मुकदमे दर्ज कराए थे।
डुंगरपुर मामले में चार मुकदमों में फैसला आ चुका है। दो मामलों में सपा नेता बरी हो चुके हैं। वहीं, दो केस में सजा का ऐलान हुआ है। सपा नेता फिलहाल सीतापुर जेल में बंद हैं।
इसको लेकर आज़म खान पक्ष के वकील ज़ुबैर अहमद खान ने बताया कि डूंगरपुर का यह मामला 6/12/2016 का है जिसमें आठ लोग मूल डिमांड थे। इनमें आजम खान का कांस्पीरेसी का रोल दिखाते हुए चार्ज शीट फाइल की गयी थी और उनका कहना था कि उनके घर में आले हसन, फसाहत शानू, शाहज़ेब, बरकत अली और दीगर मुल्जिमान घुसे और इन लोगों ने घर का सामान लूट लिया और घर को तोड़ दिया और उन लोगों ने दिगर ऑफेंसेस किए। इसमें चार्जशीट लगने के बाद ट्रायल चला और आज कोर्ट ने फैसला सुनाया और कोर्ट ने आज सारे मुल्जिमान को सारे चार्ज से बरी कर दिया।
वादी गुड्डू ने डूँगरपुर प्रकरण में एफ़आईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में टोटल 10 आरोपी थे जिनमें एक की मृत्यु हो चुकी है और तीन आरोपियों पर हाई कोर्ट से स्टे है, इस लिये उनकी पत्रावली अलग कर दी है।
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