यूरोपीय संघ (The European Union) ने तुर्की में एक सप्ताह तक चलने वाली जंगल की आग से लड़ने के लिए और टीमों को सहायता के लिए भेजा है, जहां मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जबकि राष्ट्रपति रेसेप तैय्यब एर्दोगान पर दबाव बढ़ रहा है।
डॉन (Dawn) अखबार के अनुसार, तुर्की दशकों से भीषण जंगल की आग का सामना कर रहा है और साथ में लू ने दक्षिण-पूर्वी यूरोप को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसे ग्रीक अधिकारियों ने जलवायु परिवर्तन का संकेत बताया है।
तुर्की के प्राचीन जंगलों में पिछले बुधवार को आग लग गयी थी, जिसनी बुरी तरह तबाही माचादी है और भयभीत पर्यटकों को समुद्र तट के एक होटल को खाली करने के लिए मजबूर कर दिया।
- नेपाल के सुनसरी में सांप्रदायिक हिंसा के बाद कर्फ्यू, 3 की मौत: जानें क्या है पूरा मामला

- संभल: ‘गांव-गांव तक पहुंचाएं संगठन की विचारधारा’, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की बैठक में बोले मज़ाहिर ख़ान

- जौहर यूनिवर्सिटी से भर्ती घोटाले तक: आजम ख़ान पर ED का शिकंजा कसने की तैयारी, रामपुर पुलिस ने भेजीं 84 मुकदमों की फाइलें

- रामपुर: आजम खान से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे जज का तबादला, ‘क्वालिटी बार’ केस टला

- समाधान दिवस में पहुंचीं 13 शिकायतें, मौके पर एक का भी निस्तारण नहीं

- विश्व उर्दू दिवस पुरस्कार 2026 की घोषणा: डॉ. इदरीस अहमद को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

