नई दिल्ली, 11 नवंबर 2025: जमाअत-ए-इस्लामी हिंद (JIH) के अध्यक्ष सय्यद सादतुल्लाह हुसैनी ने सोमवार शाम दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट पर गहरा शोक प्रकट करते हुए घटना की पारदर्शी और उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने सुरक्षा चूक के लिए तत्काल जवाबदेही तय करने और पीड़ितों व उनके परिजनों को पर्याप्त मुआवज़ा देने की अपील की है।
अपने बयान में हुसैनी साहब ने कहा कि इस हादसे में निर्दोष लोगों की मौत और कई के घायल होने की खबर अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की दुआ की और कहा कि जमाअत इस कठिन समय में दिल्ली की जनता के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार यह एक आतंकी घटना हो सकती है। अगर जांच से इसकी पुष्टि होती है, तो यह गंभीर सुरक्षा विफलता है। दोषियों को शीघ्र न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए और सार्वजनिक सुरक्षा के जिम्मेदार लोगों से जवाबदेही तय होनी चाहिए।
जमाअत अध्यक्ष ने मीडिया व सोशल मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों और सांप्रदायिक भ्रामक प्रचार की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं के समय समाज में एकता और भाईचारा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने माँग की कि जो लोग इस तरह के हादसों का इस्तेमाल राजनीतिक या वैचारिक लाभ के लिए करते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
हुसैनी ने कहा कि विस्फोट की जांच समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए तथा उसके परिणाम जनता के सामने रखे जाएँ। मृतकों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और घायलों को समुचित चिकित्सा व पुनर्वास सहायता प्रदान की जानी चाहिए।
अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी धर्म का प्रतिनिधि नहीं हो सकता, बल्कि यह धर्म के मूल्यों से विश्वासघात है। सभी धर्मों के लोगों को मिलकर नफरत और कट्टरता का विरोध करते हुए शांति, एकता और देश के बहुलतावादी स्वरूप की रक्षा करनी चाहिए।
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