नार्थ त्रिपुरा में मुसलमानों के घरों, दुकानों और मस्जिदों पर हिंदुत्ववादी संगठनों के द्वारा कथित रूप से एक हफ्ते तक चला हमला अब लगभग थम गया है। इलाके में धारा 144 लगा दी गयी है जिसके बाद यहाँ 4 से ज़्यादा लोग एक जगह जमा नहीं हो सकते।
बताया जा रहा है कि हिंदुत्ववादी संगठनों द्वारा यह हमले बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के समय अल्पसंख्यकों पर हुए हमले को आधार बनाकर किये गए।
बता दें कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुई हिंसा के विरोध में धारा 144 प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए गोमती जिले के उदयपुर में एक रैली के दौरान विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के बीच 21 अक्टूबर को हुई झड़प में तीन पुलिसकर्मियों समेत 15 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब के सचिव प्रशांत गोयल ने इंडिया टुमारो को बताया कि, “सरकार की तरफ से संज्ञान लिया गया है, कुछ लोगों को चिन्हित भी किया गया है, पुलिस सक्रीयता से इस मामले को देख रही है। पूरी सुरक्षा प्रदान की गई है ताकि कोई अप्रीय घटना न हो.”
हालांकि, पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में पहले दुकानों में तोड़फोड़ की गई, पेट्रोल डाला गया और फिर आग के हवाले कर दिया गया. पुलिस पूरे मामले में मूकदर्शक बनी रही।
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