हादसे के बाद देर रात एनडीआरएफ की टीम ने पानी में फंसे कई लोगों को कश्तियों की मदद से निकाला। अनुमान लगाया जा रहा है कि मुनक नहर की दीवार टूटने से दिल्ली वासियों को भी पानी के संकट का भी सामना करना पड़ सकता है।
नई दिल्ली: हरियाणा से दिल्ली में आने वाली मुनक नहर का तटबंध टूटने की वजह से राजधानी दिल्ली के बवाना इलाके के कुछ हिस्सों में घुटनों तक पानी भर गया जिसकी वजह से वहां के अपने लोग घरों में कैद होकर रह गए। मुनक नहर के पानी की वजह से आसपास की कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं और पूरा इलाका पानी-पानी हो गया है। पूरी रात यहां लोगों को पानी के बीच रहना पड़ा।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। पानी में फंसे लोगों को नाव की मदद से निकाला गया। बताया जा रहा है कि मुनक नहर की दीवार टूटने से दिल्ली वासियों को भी पानी के संकट का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से मुनक नहर की दीवार में लीकेज हो रही थी। इसकी शिकायत संबंधित अधिकारी से की गई थी, लेकिन उचित समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और नतीजतन यह हादसा हो गया। अगर समय रहते कार्रवाई की गई होती, तो शायद आज इस तरह की परिस्थिति पैदा ही नहीं होती।
उधर दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज सुबह मुनक नहर से निकलने वाली एक छोटी नहर का तटबंध टूट गया। मुनक नहर की देखभाल करने वाले हरियाणा के सिंचाई विभाग के साथ समन्वय में दिल्ली जल बोर्ड काम कर रहा है। हरियाणा का सिंचाई विभाग ही नहर का रखरखाव करता है। नहर के पानी के प्रवाह को अन्य छोटी नहर की तरफ मोड़ दिया गया है।’’ आतिशी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और कहा कि मरम्मत कार्य जारी है।
वहीं, स्थानीय सांसद योगेंद्र चंदोलिया भी हालात का जायजा लेने मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा। इस बीच, उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ। अगर समय रहते कार्रवाई की गई होती, तो आज ऐसी नौबत ही नहीं आती।
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