जयाप्रदा के खिलाफ वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के वक़्त आचार संहिता उल्लंघन के दो मामले दर्ज हुए थे। इनमें एक मामला केमरी थाने का था, जिसे वीडियो निगरानी टीम के प्रभारी कुलदीप भटनागर की ओर से दर्ज कराया गया था।
रामपुर(रिज़वान ख़ान): मशहूर फिल्म अभिनेत्री और पूर्व सांसद जयाप्रदा(Jaya Prada) को आज रामपुर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट से चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आरोप साबित न होने पर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज आचार संहिता उल्लंघन के मामले में उन्हें बरी कर दिया है।
आज गुरुवार को कोर्ट में जया प्रदा अपने अधिवक्ता के साथ पहुंची थीं। न्यायालय ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए पूर्व सांसद को साक्ष्य के सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। जया प्रदा के अधिवक्ता ने पूरे मामले में उनके पक्ष को मजबूती से रखा। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) के न्यायाधीश शोभित बंसल ने फैसला सुनाया। फैसला सुनाए जाने के दौरान जया प्रदा भी न्यायालय में मौजूद रहीं।
जया प्रदा ने कोर्ट से बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि न्यायालय के निर्णय से वह खुश और भावुक हैं…सत्यमेव जयते, अदालत का बहुत धन्यवाद।

क्या था पूरा मामला ?
जयाप्रदा के खिलाफ वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के समय चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के दो मामले दर्ज हुए थे। इनमें एक मामला केमरी थाने का था, जिसे वीडियो निगरानी टीम के प्रभारी कुलदीप भटनागर की ओर से दर्ज कराया गया था। इसमें कहा था कि 18 अप्रैल 2019 को भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा की पिपलिया मिश्र गांव में जनसभा हुई थी। जया प्रदा ने बसपा सुप्रीमो मायावती और आजम खां को लेकर बयान दिया था।
7 फरवरी को कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पूर्व सांसद को फरार घोषित कर दिया था और पुलिस को आदेश दिए थे कि उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। साथ ही सीओ के नेतृत्व में टीम गठित करने को कहा था।
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