मक्का: सऊदी इतिहास में पहली बार मुहर्रम की पहली तारीख को काबे का ग़िलाफ़ बदला गया। इससे पहले 9 ज़िल हज को काबे का ग़िलाफ़ बदला जाता था।
विवरण के अनुसार, नए इस्लामी वर्ष की शुरुआत में, काबे के कवर को बदलने का एक उत्साही समारोह था, जिसमें इमाम काबा और हरमैन शरीफिन मामलों के अध्यक्ष शेख अब्दुल रहमान अल सुदेस ने शिरकत की।
सऊदी अधिकारियों, किस्वा कारखाने के प्रबंधकों सहित दो सौ से अधिक विशेषज्ञों और प्रशिक्षित श्रमिकों ने काबे के कवर के प्रतिस्थापन में भाग लिया।
जुमे के रोज़ ईशा की नमाज के बाद काबे के ग़िलाफ़ को बदलने की प्रक्रिया शुरू हुई जो भोर तक जारी रही, इस अवसर पर मस्जिद अल-हरम में मौजूद सैकड़ों लोगों ने काबे के को बदलने का खूबसूरत नज़ारा देखा और दुआएं कीं।
काबे के ग़िलाफ़ के बदलने के मंज़र को पूरी दुनिया में लाइव दिखाया गया।
सऊदी इतिहास में पहली बार मुहर्रम की पहली तारीख को काबे का ग़िलाफ़ बदला गया है। इससे पहले 9 ज़िल हज को इस ग़िलाफ़ को बदला जाता था।
670 किलो रेशम से बने काले ग़िलाफ़ पर 120 किलो सोने और 100 किलो चांदी के धागे से पवित्र क़ुरआन की आयात नक़्श की गयी थीं।
ग़िलाफ़ के बनाने में इस्तेमाल होने वाला रेशम इटली से आयात किया गया है, जर्मनी से सोने और चांदी के तार आयात किए गए हैं, जबकि इसके उत्पादन में ढाई लाख सऊदी रियाल खर्च हुए हैं।
- ईरान-इजरायल युद्ध: ट्रम्प प्रशासन को लगा दोहरा झटका; बेन गुरियन एयरपोर्ट पर भीषण हमला और हथियारों की भारी कमी

- ईरान का इज़राइल पर बड़ा मिसाइल हमला: तेल अवीव सहित मध्य इज़राइल में भारी विस्फोट, आपातकाल घोषित

- खामेनेई का निधन और मध्य-पूर्व में महायुद्ध की आहट

- ईरान-इजरायल युद्ध: अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद UN सुरक्षा परिषद की आपात बैठक आज

- US, Israel attack Iran live: ईरान का कतर, UAE और बहरीन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भीषण मिसाइल हमला

- Emmanuel Macron India Visit: भारत पहुंचे फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों, PM मोदी के साथ रक्षा और AI पर होगी ‘महा-डील’

