पूर्व मंत्री इक़बाल महमूद का समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ. शफीक़ुर्रहमान बर्क़ पर जुबानी हमला

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उत्तर प्रदेश/संभल(मुजम्मिल दानिश): बसपा सुप्रीमो मायावती की तारीफ करने पर विधायक इकबाल महमूद ने डॉ. बर्क पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुसलमान बसपा को नकार चुका है। यह वह लोग हैं जिनकी वजह से मुसलमानों को बहुत नुकसान हुआ है। बसपा हो, सांसद डॉ शफीक उर रहमान बर्क़ या ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन वाले हों, ये दोनों एक ही तरह के बयान देते हैं, जिससे मुसलमानों को नुकसान होता है।

उत्तर प्रदेश के जनपद संभल में समाजवादी पार्टी के दो नेताओं की गुटबाजी सामने आई है। दरअसल आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी के सांसद डॉक्टर शफीक़ुर्रहमान बर्क़ पर लगातार कभी कांग्रेस की तारीफ तो कभी मायावती की तारीफ करने पर सदर विधायक इकबाल महमूद ने जुबानी हमला बोला है।

सपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने बसपा अध्यक्ष मायावती की तारीफ की तो विधायक इकबाल महमूद ने उन पर पलटवार किया। विधायक ने कहा कि ज्यादा उम्र की वजह से सांसद डॉ. बर्क का दिगाम भी ठीक से काम नहीं करता, अखिलेश यादव को धौंस देने जैसा यह बयान उन्होंने नहीं दिया, बल्कि उनसे दिलवाया गया है, डॉ. बर्क को अब राजनीति से सन्यास ले लेना चाहिए।

बतादें कि डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने बयान में कहा था कि मायावती एक शख्सियत हैं और ओबीसी पर जुल्म और नाइंसाफी को रोकने के लिए उनकी भी जरूरत है। डॉ बर्क़ के इसी बयान पर प्रतिक्रया देते हुए सपा विधायक इकबाल महमूद ने डॉ. बर्क पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 94 साल हो गई है। दो तीन आदमी उन्हें उठाते बैठाते हैं, दिमाग भी उतना काम नहीं करता, अब उन्हें राजनीति से खुद ही सन्यास ले लेना चाहिए।

यह बयान दिया नहीं है, बल्कि दिलवाया गया है

इक़बाल मेहमूद ने आगे कहा कि मुसलमान बहुत पिट चुका है, अब और न पिटने दें, यही उनका बहुत बड़ा साथ होगा। कहा कि मायावती की इतनी तारीफ कर रहे हैं तो क्यों भाग गए थे उनको छोड़कर। जिस हालत में पहुंचे हैं, वह सपा की वजह से है। यह बयान दिया नहीं है, बल्कि दिलवाया गया है। यह बयान अखिलेश यादव को धौंस देने और ब्लैकमेल करने वाली बातें हैं।

विधायक इकबाल महमूद ने कहा कि मुसलमान बसपा को नकार चुका है। यह वह लोग हैं जिनकी वजह से मुसलमानों को बहुत नुकसान हुआ है। बसपा हो या ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन वाले हों, ये दोनों एक ही तरह के बयान देते हैं, जिससे मुसलमानों को नुकसान होता है।

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