Greenland crisis: अमेरिकी युद्धक विमान ग्रीनलैंड पहुंचने लगे

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वॉशिंगटन/ग्रीनलैंड: अमेरिकी युद्धक विमान ग्रीनलैंड में तैनाती के लिए पहुंचने लगे हैं। अमेरिका-कनाडा की संयुक्त रक्षा एजेंसी NORAD ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है।

NORAD का बयान: ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर जल्द तैनाती

NORAD के अनुसार, ये अमेरिकी युद्धक विमान ग्रीनलैंड स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर लैंड करेंगे। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड सरकार को इस योजना की पूरी जानकारी दे दी गई है। इसके अलावा, विमानों के नए बैच की डिलीवरी डेनिश सरकार के समन्वय से हो रही है, और अमेरिकी सेनाओं को सभी आवश्यक राजनयिक मंजूरी प्राप्त है।

NORAD ने जोर देकर कहा कि यह अभियान सुरक्षा और सहयोग पर आधारित है, जो क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करेगा।

ग्रीनलैंड का महत्व: डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र और ऐतिहासिक समझौते

ग्रीनलैंड वास्तव में डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है, जो आर्कटिक क्षेत्र में रणनीतिक महत्व रखता है। 1951 में अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें अमेरिका ने इसे संभावित आक्रमण से बचाने का वादा किया।

वहीं, 1958 में अमेरिका और कनाडा ने NORAD समझौते पर दस्तखत किए, जिसका मुख्य उद्देश्य बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपणों की समय पर चेतावनी देना है। शीत युद्ध के दौर से ये समझौते उत्तर अमेरिका की हवाई सुरक्षा की रीढ़ बने हुए हैं।

यह तैनाती आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच हो रही है, जहां रूस और चीन की गतिविधियां चिंता का विषय बनी हैं।

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